मध्य प्रदेश: बुधनी में 13 करोड़ से अधिक की लागत से सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण के कार्य पूर्ण

Budhni

भोपाल। मध्य प्रदेश के बुधनी क्षेत्र में प्रत्येक उपभोक्ता को पर्याप्त वोल्टेज पर निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले इसके लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी दिन-रात काम कर रही है। कंपनी द्वारा राज्य शासन के संकल्प को पूरा करने की दिशा में प्रज्जवल योजना के तहत बुधनी क्षेत्र में लगभग 13 करोड़ से अधिक के विद्युत प्रणाली सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण के विभिन्न विकास कार्य कराये जा रहे हैं। इन विकास कार्यों से बुधनी क्षेत्र में विद्युत वितरण की व्यवस्था मजबूत होगी जिससे एक ओर उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिलेगी वहीं दूसरी ओर ब्रेकडाउन कम होंगे और प्रणाली की क्षमता वृद्धि से उपभोक्ताओं को सीधे फायदा मिलेगा।

गौरतलब है कि “प्रज्जवल योजना” के अंतर्गत सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण के कार्यों में 13 करोड़ की लागत से शाहगंज, बुधनी, रेहटी एवं नसरूल्लागंज में विभिन्न विकास कार्य कराये जा रहे हैं। जिससे शाहगंज में 11 के.व्ही. के घरेलू फीडर का विभक्तिकरण कर फीडरों का भार 50 प्रतिशत तक विभाजित किया गया है। इसके साथ ही 8 नवीन वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना एवं 7 वितरण ट्रांसफार्मरों का उन्नयीकरण किया गया है। वहीं नसरूल्लागंज में 0.8 कि.मी. 33 के.व्ही. उच्चदाब लाईन की स्थापना, 13.0 कि.मी. 11 के.व्ही. लाईन, 18 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर, 20 वितरण ट्रांसफार्मरों का उन्नयीकरण एवं 18.0 कि.मी. निम्नदाब लाईन का विस्तार का कार्य किया गया है। इसी प्रकार बुधनी में 12.0 कि.मी. 11 के.व्ही. लाईन, 14 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर, 22 वितरण ट्रांसफार्मरों का उन्नयीकरण एवं 16.80 कि.मी. निम्नदाब लाईन का विस्तार कार्य किया गया है। जबकी रेहटी में 5.45 कि.मी. 11 के.व्ही. लाईन, 10 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर, 12 वितरण ट्रांसफार्मरों का उन्नयीकरण एवं 8.0 मी. निम्नदाब लाइन के विस्तार के इन कर्यों से वोल्टेज में कमी, फ्यूज जाने की समस्या एवं अत्यधिक ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिलेगी।

कंपनी ने बताया है कि “प्रज्जवल योजना” के तहत बुधनी क्षेत्र में प्रणाली उन्नयनीकरण के तहत शाहगंज, बुधनी, रेहटी एवं नसरूल्लागंज मे 11 के.व्ही. लाईन, 33 के.व्ही. लाईन का विस्तार, नवीन वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना एवं उन्नयीकरण के कार्य पूर्ण किये गये हैं। इससे फीडरों पर अधिक भार की समस्या में कमी आने के साथ ही फीडरों का भार लगभग 50 प्रतिशत तक नियंत्रित किया गया है। कंपनी द्वारा कृषि कार्यों के लिए घोषित अवधि में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

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