कूनो नेशनल पार्क में खुले जंगल में छोड़े गए चीता और चार शावक

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भोपाल। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को एक मादा के साथ चार शावकों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़ द‍िया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उम्मीद जताई है कि चीतों का विचरण पर्यटकों के लिए रोमांचकारी होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर तस्वीरें साझा करने के साथ लिखा, खुल जंगल में फर्राटा भरेगा रफ्तार का राजा।

मध्य प्रदेश पर्यटन के लिए सोमवार को एक और गौरव का क्षण आया है। कूनो-पालपुर नेशनल पार्क में मादा चीता गामिनी और उसके चार शावकों को बड़े बाड़े से सफलतापूर्वक कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल खजूरी वन क्षेत्र में छोड़ द‍िया गया। कूनो के जंगल में अब कुल 17 चीतों के स्वच्छंद विचरण से वहां आने वाले पर्यटक सफारी यात्रा के दौरान चीतों के विचरण को देख और अधिक रोमांचि‍त होंगे।

उन्होंने आगे लिखा, मध्य प्रदेश की धरा एशिया से विलुप्त हो चुके चीतों के लिए मां का आंचल बन चुकी है, यहां चीते रफ्तार भी भर रहे हैं और अपना कुनबा भी लगातार बढ़ा रहे हैं।

मध्य प्रदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए वन्य जीवन को सहेजकर रखने एवं जैव-विविधता के संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध है। ज्ञात हो कि कूनो में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों को बसाया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो साल पहले अपने जन्मदिन पर चीतों के पहले दल को यहां छोड़ा था। धीरे-धीरे इस नेशनल पार्क में चीतों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। साथ ही पर्यटकों को चीते अब लुभाने लगे हैं।

बताया गया है कि मां और चारों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। खजूरी वन क्षेत्र अहेरा पर्यटन जोन का हिस्सा है, जिसके कारण अब पर्यटकों को सफारी के दौरान चीतों को देखने का मौका मिल सकता है। गामिनी ने छह शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से दो की मौत हो गई थी।

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