इजरायली पीएम नेतन्याहू और अटॉर्नी जनरल के बीच शिन बेट प्रमुख हटाने को लेकर विवाद

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नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अटॉर्नी जनरल गाली बहारव-मीआरा के बीच घरेलू सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के प्रमुख रोनन बार को हटाने को लेकर विवाद हो गया है।

बहारव-मीआरा ने निर्देश जारी कर नेतन्याहू को किसी भी तरह की कार्रवाई से रोक दिया है। इससे पहले न्यायालय ने बार को हटाने के फैसले पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी।

उन्होंने कहा, नए शिन बेट प्रमुख की नियुक्ति पर प्रतिबंध है। इसके साथ ही उन्होंने इस पद पर नियुक्ति के लिए किसी भी तरह के साक्षात्कार पर भी पाबंदी लगा दी है।

जवाब में, नेतन्याहू ने इस निर्देश को खारिज कर दिया और सरकार की सुरक्षा नियुक्तियों पर अधिकार को फिर से स्पष्ट किया। उनके कार्यालय ने एक बयान में कहा, इजरायल में कानून का राज है और कानून के अनुसार सरकार तय करती है कि शिन बेट का प्रमुख कौन होगा। इसे लेकर सिविल वॉर नहीं होगा।

इससे पहले शुक्रवार को, उच्च न्यायालय ने बार की बर्खास्तगी पर रोक लगा दी थी। नेतन्याहू के फैसले को चुनौती देते हुए विपक्षी दलों ने याचिका दायर की थी। आरोप था कि नेतन्याहू टकराव की वजह से बार को हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

विपक्ष के मुताबिक, सरकार की सुरक्षा नीतियों को लेकर की गई जांच को लेकर नेतन्याहू शिन बेट से नाराज हैं और इसी कारण बार को पद से हटाना चाहते हैं।

बता दें कि बार का कार्यकाल पहले 20 अप्रैल को समाप्त होने वाला था, जिसे कैबिनेट ने 10 अप्रैल तक कर दिया था। हालांकि, अधिकारियों ने संकेत दिया कि वह नए प्रमुख की नियुक्ति के बाद जल्दी भी जा सकते हैं।

हमास-इजरायल युद्ध के बाद से नेतन्याहू और बार के बीच तनाव बढ़ गया है, शिन बेट ने सरकार के युद्धकालीन निर्णय और कतर-गेट मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसमें नेतन्याहू के सहायकों और कतरी अधिकारियों के बीच कथित अनौपचारिक संपर्कों का मामला भी था।

इजरायली मीडिया के अनुसार, नेतन्याहू कैबिनेट ने रविवार को बहारव-मीआरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री के साथ हुए विवाद के कुछ घंटे बाद ही उनके कार्यालय ने यह जानकारी दी।

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