नई दिल्ली। अमेरिका से तनातनी के बीच ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि सेना का एक ड्रोन समुद्र में एक मिशन पूरा करके लौटा है। ईरानी मीडिया ने बताया कि ईरान की सेना का एक ड्रोन अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ‘निगरानी मिशन’ पर था। यह दावा अमेरिकी सेना के उस बयान के कुछ समय बाद किया गया है, जिसमें कहा गया था कि उसने एक ईरानी विमान को मार गिराया है, जो एक एयरक्राफ्ट कैरियर के बहुत करीब आ गया था।
फार्स न्यूज एजेंसी ने बिना नाम लिए सूत्रों के हवाले से बताया कि ड्रोन ने ईरान के आसपास के इलाकों में मिलिट्री गतिविधियों पर सफलतापूर्वक नजर रखी और रियल टाइम में डेटा ग्राउंड बेस को भेजा। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि रिपोर्ट में ऐसे मिशन को क्षेत्र की पूरी निगरानी के लिए जरूरी बताया गया है।
ईरान की सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान का अपने एक ड्रोन से संपर्क टूट गया है, जिसके कारण की जांच की जा रही है और पता चलने के बाद इसकी घोषणा की जाएगी।
इससे पहले, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि एक अमेरिकी एफ-35सी लड़ाकू विमान को अरब सागर में एक ईरानी शाहेद-139 ड्रोन को मार गिराने के लिए मजबूर होना पड़ा। कमांड ने बताया कि जब कैरियर ईरानी तट से लगभग 800 किमी दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहा था, तब ड्रोन ने यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर रुख किया।
अमेरिकी बयान के अनुसार, आत्मरक्षा के लिए ड्रोन को मार गिराया गया। सेना ने कहा कि इस घटनाक्रम में कोई भी अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ और न ही कोई उपकरण क्षतिग्रस्त हुआ।
यह घटनाक्रम क्षेत्र में अमेरिकी सेना की महत्वपूर्ण तैनाती के बीच देखने को मिला। ट्रंप प्रशासन ने जनवरी के आखिर में एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और कई युद्धपोतों को मध्य पूर्व में तैनात किया था, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति तेहरान को लगातार चेतावनी दे रहे हैं।

