मध्य प्रदेश विधानसभा में आवारा कुत्तों पर चर्चा, इंदौर में पानी से हुई मौतों पर बहस की मांग

Vidhansabha

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को चल रहे बजट सत्र के दूसरे दिन राज्य की राजधानी भोपाल में कुत्तों के बढ़ते आतंक के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत यह मुद्दा कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने उठाया। उन्होंने कहा कि भोपाल में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और कुत्तों के काटने की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं।

भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने अकील ने आरोप लगाया कि भोपाल नगर निगम (बीएमसी) ने नसबंदी और टीकाकरण पर दो करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने सदन को बताया कि शहर में रोजाना 40 से 50 आवारा कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं और इनमें ज्यादातर बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।

अकील ने कहा, “भोपाल नगर निगम रोजाना कई कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण कर रहा है, लेकिन आवारा कुत्तों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही। यह समस्या अब केवल डर या असुविधा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह गंभीर जनस्वास्थ्य और प्रशासनिक विफलता बन गई है।”

इस पर जवाब देते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भोपाल नगर निगम में एक डॉग स्क्वॉड बनाया गया है, जो सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करता है।

मंत्री विजयवर्गीय ने सदन को बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 26,900 कुत्तों का टीकाकरण किया गया है और 5,023 एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध हैं।

उन्होंने भोपाल में कुत्तों के काटने से किसी की मौत होने से भी इनकार किया।

उन्होंने कहा, “कुत्ते तब उग्र हो जाते हैं जब उन्हें भूख लगती है और खाना नहीं मिलता। हमारी परंपरा रही है कि पहली रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को दी जाती है, साथ ही चींटियों के लिए भी आटा रखा जाता है।”

सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, जिससे सदन में हंसी-ठिठोली का माहौल बन गया।

कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने तंज कसते हुए कहा कि कैलाश विजयवर्गीय मंत्री हैं, लेकिन इस मुद्दे पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे।

वहीं, भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा, “मैंने पहली बार सुना है कि कुत्ते आतंकवादी होते हैं।”

चर्चा के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा और भाजपा विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने भी एंटी-रेबीज इंजेक्शन की कमी का मुद्दा उठाया और इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।

बाद में कांग्रेस विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार दूषित पेयजल से हुई मौतों पर चर्चा करने को तैयार नहीं है, लेकिन कुत्तों के मुद्दे पर बहस कर रही है।

सिंघार ने कहा, “मध्य प्रदेश सरकार कुत्तों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन पानी की दूषित समस्या पर नहीं, जो ज्यादा गंभीर विषय है। कांग्रेस इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से कम से कम 35 लोगों की मौत पर विस्तृत चर्चा चाहती है। इससे भाजपा सरकार की गंभीरता साफ दिखाई देती है।”

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