भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल रेल मंडल ने बीते साल 250 बच्चों को सुरक्षित जीवन प्रदान किया है। इनमें वो बच्चे शामिल हैं, जो घर से गायब हो गए थे या असहाय हैं। बताया गया है कि पश्चिम मध्य रेल भोपाल मंडल के रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खोए हुए और असहाय बच्चों की सुरक्षा और उनके परिवारों से मिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
यह अभियान चलाकर आरपीएफ अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वाह करता है और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रेलवे की ओर से आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी बताया के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा ने वर्ष 2025 में 250 बच्चों को रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षित बचाया। इन बच्चों में से अधिकांश खो गए थे या उनके परिवारों से अलग हो गए थे।
आरपीएफ द्वारा खोजे गए बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया। आरपीएफ ने बच्चों के परिवारों को ढूंढने के लिए विशेष प्रयास किए और उन्हें सुरक्षित घर वापस पहुंचाया। आरपीएफ ने बच्चों की सुरक्षा के बारे में जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान में लोगों को बच्चों की सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया गया और उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूक किया गया।
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि आरपीएफ का ऑपरेशन नन्हे फरिस्ते बच्चों की सुरक्षा और उनके परिवारों से मिलाने में महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका निभा रहा है। आरपीएफ द्वारा इस अभियान का विस्तार करने जा रहा है और बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार है।

