मणिपुर ब्लास्ट की जांच एनआईए को सौंपी गई, बिष्णुपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

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नई दिल्ली। मणिपुर सरकार ने बिष्णुपुर जिले में लगातार दो धमाकों की घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है, जिसमें एक महिला समेत दो लोग घायल हो गए थे। यह जानकारी मंगलवार को एक अधिकारी ने दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार को हुए दो लगातार धमाकों से जुड़ा मामला गहरी जांच के लिए एनआईए को सौंप दिया गया है। ये धमाके स्थानीय स्तर पर बनाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से हुए थे। उन्होंने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) और बिष्णुपुर जिले के पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के लिए धमाके वाली जगहों का दौरा किया।

घटना में शामिल दोषियों को पकड़ने के लिए मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी आस-पास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी रहा।

घटना स्थल के आसपास अतिरिक्त फोर्स की तैनाती के साथ, हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारी ने बताया कि धमाकों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए जांच और ऑपरेशनल कोशिशें जारी हैं।

सोमवार को, फौगाकचाओ इखाई पुलिस स्टेशन इलाके के नगाउकोन गांव में एक खाली पड़े घर में आईईडी ब्लास्ट हुआ। मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से इस घर का परिवार फिलहाल केइबुल लामजाओ के एक रिलीफ कैंप में रह रहा है।

पुलिस के मुताबिक, पहला धमाका होने के बाद जब गांव वाले मौके पर जमा हुए, तो दूसरा धमाका पहले धमाके वाली जगह से करीब 200 मीटर दूर हुआ। छर्रों से घायल हुए दो लोगों, जिनकी पहचान सोइबम सनातोंबा सिंह (52) और नोंथोबाम इंदुबाला देवी (37) के रूप में हुई है, घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

धमाकों के तुरंत बाद, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अगुवाई में सुरक्षा बलों ने आईईडी धमाकों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया।

मिली जानकारी के अनुसार गुस्साई भीड़ ने पास में बने एक अस्थायी सुरक्षा बंकर को भी नुकसान पहुंचाया और सुरक्षा बलों पर धमाकों को रोकने और जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है।
केंद्रीय और राज्य एजेंसियों से जुड़े सुरक्षा बल आतंकवादियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी रखे हुए हैं, जिसमें जिलों में सीमावर्ती, मिली-जुली आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान और एरिया डोमिनेशन ड्राइव चलाए जा रहे हैं।

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