इंदौर। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला अभी भी जारी है। इस बीच मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कैग रिपोर्ट का हवाला देकर नगरीय विकास विभाग के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को घेरा है।
सिंघार ने कहा कि कैग द्वारा 2019 में जारी रिपोर्ट में भोपाल और इंदौर में दूषित पानी की समस्या का उल्लेख किया गया था। साथ ही पेयजल की गुणवत्ता सुधारने की सिफारिश भी की गई थी। वर्ष 2019 में जयवर्धन सिंह नगरीय विकास विभाग के मंत्री थे। उमंग सिंघार स्वयं कमलनाथ सरकार में वन मंत्री रहे हैं।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला पिछले छह दिनों से जारी है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चार दिन बाद, 3 जनवरी को चुप्पी तोड़ते हुए 2019 की कैग रिपोर्ट का हवाला दिया और सरकार से इस घटना की जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल खड़े किए।
सिंघार ने अपने बयान में सीधे तौर पर किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराते हुए कैग रिपोर्ट पर जोर दिया। उनके अनुसार भोपाल और इंदौर में छह साल पहले ही पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। कैग रिपोर्ट आने के बावजूद सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस ध्यान नहीं दिया।
सिंघार के इस बयान को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के विधायक पुत्र जयवर्धन सिंह से जोड़कर देखा जा रहा है। कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में नगरीय विकास विभाग की जिम्मेदारी जयवर्धन सिंह के पास थी। उस दौरान उमंग सिंघार और दिग्विजय सिंह के बीच आपसी मतभेद भी सार्वजनिक रूप से सामने आए थे।

