भोपाल में रेलवे की पतंगबाजी से होने वाले नुकसान को रोकने की कवायद

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भोपाल। देश में मकर संक्रांति के मौके पर पतंगबाजी होती है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित कई हिस्सों में भी उत्साह और उमंग के बीच पतंगबाजी जारी है, मगर इससे रेलवे को नुकसान की भी आशंका बनी हुई है। यही कारण है कि रेलवे पतंगबाजी से होने वाले हादसों को रोकने के प्रयास में लगा है।

भोपाल रेल मंडल द्वारा पतंग उड़ाने के दौरान संभावित खतरों से आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष जन-सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से लोगों को रेलवे ट्रैक, पुलों एवं ओवरहेड विद्युत तारों के समीप पतंग उड़ाने से होने वाले गंभीर खतरों के प्रति सतर्क किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे लाइनों के ऊपर लगी ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन में लगभग 25,000 वोल्ट का उच्च वोल्टेज प्रवाहित होता रहता है। पतंग की डोर यदि इन तारों के संपर्क में आ जाए तो करंट सीधे व्यक्ति तक पहुंच सकता है, जिससे गंभीर अथवा जानलेवा दुर्घटनाएं घटित होने की आशंका रहती है।

भोपाल मंडल द्वारा जन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जागरूकता संदेशों एवं प्रचार माध्यमों के जरिए यह जानकारी आमजन तक पहुंचाई जा रही है कि रेलवे ट्रैक के आसपास पतंग उड़ाना केवल स्वयं के लिए ही नहीं, बल्कि रेल परिचालन एवं यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जोखिम उत्पन्न करता है।

रेलवे प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर ही पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित करें तथा रेलवे लाइनों, पुलों एवं ओवरहेड तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह जागरूकता अभियान किसी उत्सव या परंपरा पर रोक लगाने के लिए नहीं, बल्कि आमजन के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

दरअसल, बीते कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में चाइनीज मांझा का उपयोग किए जाने के चलते कई हादसे हो चुके हैं। गले में मांझा फंसने से मौत तक के मामले सामने आए हैं। वहीं, रेलवे को भी पतंगबाजी से हादसे की आशंका बनी हुई है। यही कारण है कि जन जागरुकता का अभियान चलाया जा रहा है।

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