नई दिल्ली। दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले एक और परिवार को साइबर अपराधियों ने ठगी का शिकार बनाया है। कथित तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए एक बुजुर्ग महिला से लगभग सात करोड़ रुपए की ठगी हुई है। फिलहाल, इस ठगी को लेकर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
देश की राजधानी दिल्ली में साइबर अपराधियों का आतंक तेजी से फैलता जा रहा है। बीते एक हफ्ते के भीतर साउथ दिल्ली से ऐसे दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें बुजुर्गों को डराकर, मानसिक दबाव में रखकर उनके साथ करोड़ों रुपए की ठगी की गई। साइबर फ्रॉड की ऐसी घटनाओं को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है।
जानकारी के अनुसार, ग्रेटर कैलाश इलाके की रहने वाली 70 वर्षीय महिला कारोबारी को साइबर अपराधियों ने करीब तीन दिन ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। इस दौरान अलग-अलग बैंक खातों में करीब सात करोड़ रुपए जमा कराए गए। सामने आया है कि मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर महिला कारोबारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया गया था।
फिलहाल, इस मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर यूनिट ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इससे पहले, ग्रेटर कैलाश इलाके के एक बुजुर्ग दंपति से साइबर अपराधियों ने ठगी की। डॉक्टर कपल अमेरिका से लौटे थे और 2016 से ग्रेटर कैलाश में रह रहे थे। उनके बच्चे विदेश में बसे हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग डॉक्टर कपल के साथ कथित तौर पर करीब 14 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई। साइबर अपराधियों ने उन्हें दो हफ्ते से अधिक समय तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा था।
यह धोखाधड़ी कथित तौर पर 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुई, जिसमें आरोपियों ने खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर बुजुर्ग कपल को कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। शनिवार को एक ई-एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने जांच शुरू की।

