ईरान पर हमले को लेकर ट्रंप के फैसले पर अमेरिका में उठे सवाल, विपक्षी नेताओं ने बताया खतरनाक

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान में सैन्य हमले शुरू करने के फैसले ने अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज कर दी है। वरिष्ठ डेमोक्रेट नेताओं ने इसे अनधिकृत और खतरनाक कार्रवाई करार दिया है, जबकि रिपब्लिकन सांसद इसे निर्णायक और आवश्यक कदम बता रहे हैं।

सिनेट इंटेलिजेंस के उपाध्यक्ष मार्क वार्नर ने कहा कि राष्ट्रपति ने व्यापक अमेरिकी हमले किए हैं, जिनमें केवल परमाणु या मिसाइल ढांचा नहीं, बल्कि वरिष्ठ ईरानी नेतृत्व समेत कइयों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह अमेरिका को मध्य पूर्व में एक और व्यापक संघर्ष में खींच सकता है और इस कार्रवाई में कानूनी और संवैधानिक सवाल उठते हैं।

सिनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप ने अकेले ईरान के साथ एक और युद्ध शुरू किया है। यह खतरनाक और अवैध है। अमेरिका को घरेलू जरूरतों की अनदेखी करके झूठ पर आधारित हमेशा चलने वाले युद्ध में नहीं फंसाया जाना चाहिए।”

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के वरिष्ठ सदस्य ग्रेगरी मीक्स ने इसे राष्ट्रपति के अधिकार का दुरुपयोग करार दिया और कहा कि इस अनधिकृत युद्ध के लिए कांग्रेस (संसद) को अब निर्णय लेना होगा।

सिनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप और उनके इजरायली सहयोगी नेतन्याहू ने अवैध, पूर्वनियोजित और असंवैधानिक युद्ध शुरू किया है। उन्होंने चेताया कि अमेरिकी जनता को फिर से धोखा दिया जा रहा है।

अन्य डेमोक्रेट नेताओं ने भी युद्ध की रणनीति और अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई और युद्ध शक्तियों के तहत कानूनी प्रक्रिया अपनाने की मांग की।

वहीं, रिपब्लिकन नेताओं ने राष्ट्रपति के कदम का समर्थन किया। सिनेट रोजर विकर ने इसे अमेरिकी और अमेरिकी हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कार्रवाई कहा। हाउस फॉरेन अफेयर्स समिति के चेयरमैन ब्रायन मास्ट ने इसे ईरान की लगातार 47 सालों की आक्रामकता का जवाब बताया।

टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने घरेलू सुरक्षा बढ़ाने के लिए निर्देश दिए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने नागरिकों की सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों के लिए टास्क फोर्स बनाई है।

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