भोपाल। आयुर्वेद के क्षेत्र में हो रही नवीनतम प्रगति और आधुनिक चिकित्सा के साथ इसके समन्वय पर चर्चा के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय थीमेटिक सेमीनार का आयोजन किया गया।
ओजस फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. मधुसूदन देशपांडे ने भोपाल बुलेटिन डॉट कॉम को बताया कि इस प्रतिष्ठित सेमीनार में मुख्य अतिथि ब्रह्मचारी डॉ. गिरीश चंद्र वर्मा, अध्यक्ष, महर्षि समूह शैक्षणिक संस्थान, उपस्थित रहे।
डॉ. वर्मा आयुर्वेद और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव के लिए जाने जाते हैं और उनका संबोधन इस आयोजन का मुख्य आकर्षण हुआ। इस अवसर पर डायबिटिक रेटिनोपैथी में आयुर्वेद किस प्रकार सर्वोपरी हमें पर सभी को जागरूक किया गया, नाड़ी परीक्षा के मध्यम से रीढ़ की हड्डी में रोग, किस प्रकार सफल निदान होते हैं और किस प्रकार आधुनिक चिकित्सा आयुर्वेद के मंथन से भविष्य में एकता के साथ एक देश एक चिकित्सा पद्धति के नीव रखे अग्रिम विकास कर भारत को पुन: विश्व गुरु के बनने की राह पर अगरसर है।
इस अवसर पर आयुर्वेद के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ और शोधकर्ता डॉ. विनायक तायड़े, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ. लोकेंद्र दवे और डॉ. पी.सी. शर्मा की-नोट स्पीकर्स के रूप में अपने विचार साझा किए। यह सेमिनार आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ जोड़ने की संभावनाओं पर केंद्रित रहा एवं आयुर्वेद एडवांस फोरम के उदघाटन किया गया तथा प्रेक्टिसनर्स, ओषधि निर्माताओं, चिकित्सा छात्र छात्रों ने फोरम की सदस्यता ली।
इस आयोजन में आयुर्वेदिक चिकित्सा क्षेत्र के प्रतिष्ठित चिकित्सक,शोधकर्ता,विद्यार्थी और स्वास्थ्य जगत से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति पधारे यह सेमिनार आयुर्वेद के भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।