नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को ओडिशा नबा निर्माण कृषक संगठन द्वारा 28 जनवरी को ओडिशा बंद के आह्वान का खुले तौर पर समर्थन देने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि राज्य में धान की खरीद में बड़ी गड़बड़ी हो रही है, स्मार्ट मीटर की स्थापना में अव्यवस्था है और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) के नाम पर किसानों और आम जनता से अधिक जुर्माना लिया जा रहा है।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पार्टी इस बंद के साथ खड़ी है। कांग्रेस ने पहले भी राज्यभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए हैं और किसानों के मुद्दों को उठाया है। खासकर, किसानों को 150 क्विंटल से अधिक धान बेचने पर मिलने वाली इनपुट सब्सिडी के हक से वंचित किए जाने का मुद्दा और पीयूसीसी के तहत लगाए जा रहे जुर्माने कांग्रेस के विरोध का मुख्य कारण हैं।
पीसीसी अध्यक्ष भक्ता चरण दास ने सभी जिला कांग्रेस कमेटियों, कार्यकर्ताओं और सदस्यों से अपील की है कि वे इस बंद में पूरी तरह सहयोग दें।
वहीं, बीजू जनता दल (बीजद ) ने भी इस बंद को सकारात्मक कदम बताया है। बीजद के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि यह बंद राज्य के किसान समुदाय की पीड़ा को उजागर करता है। बीजद पहले ही 2 से 17 फरवरी तक राज्यव्यापी प्रदर्शन करने और 24 फरवरी को राजधानी भुवनेश्वर में बड़ी प्रदर्शन रैली करने की योजना बना चुका है, जिसमें धान की खरीद और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को उठाया जाएगा।
नवा निर्माण कृषक संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अक्षय कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 28 जनवरी को सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक यह बंद रहेगा। इस दौरान धान मंडियों में खरीद की गड़बड़ियों और प्रदूषण प्रमाण पत्र के नाम पर लगाए जा रहे अतिरिक्त जुर्माने के खिलाफ विरोध किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे और आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल और एम्बुलेंस इस बंद से प्रभावित नहीं होंगी।

