भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। इस दौरान वे दुर्ग जिले के गिरहोला, खपरी और कुम्हारी गांवों में आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उनके इस दौरे का मुख्य मकसद जमीनी स्तर पर चल रही कृषि गतिविधियों को देखना, किसानों की समस्याएं समझना और उनसे सीधे संवाद करना है। शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि जब तक किसान से आमने-सामने बात नहीं होगी, तब तक खेती से जुड़े असली मुद्दों को समझना मुश्किल है।
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वे खास तौर पर किसानों से संवाद करने के लिए छत्तीसगढ़ आए हैं। दुर्ग जिले में वे सीधे खेतों में जाकर प्रगतिशील किसानों की खेती देखेंगे। प्रगतिशील किसान संघ की ओर से लंबे समय से उन्हें यहां आने का आग्रह किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि किसानों के नए प्रयोगों को देखकर और उनसे चर्चा करके बाकी राज्यों में भी उन प्रयोगों को लागू किया जा सकता है। इसके अलावा वे किसान मेले में भी भाग लेंगे, जिसे उन्होंने सरकार और किसानों के बीच संवाद का एक मजबूत सेतु बताया।
शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं से संवाद पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि यंग लीडर डायलॉग के तहत जो युवा दिल्ली गए थे, उन्हें भी चर्चा के लिए बुलाया गया है, क्योंकि युवाओं के पास नए और रचनात्मक विचार होते हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद वे राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री के साथ बैठक कर कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में हुए काम की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले दो साल में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और उनका निर्माण तेजी से चल रहा है। ग्रामीण सड़कों से लेकर गांवों के समग्र विकास तक, छत्तीसगढ़ में अच्छा काम हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आज का पूरा दिन छत्तीसगढ़ की जनता और यहां की खेती को समर्पित है।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ को गरीबों, मजदूरों और किसानों के लिए एक बड़ा वरदान बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को ज्यादा काम और आमदनी का मौका मिलेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों में मनरेगा के नाम पर सिर्फ मिट्टी इधर-उधर करने का काम होता था, लेकिन अब गांवों में असली और टिकाऊ विकास हो रहा है। ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के तहत गांव की पंचायतें खुद तय करेंगी कि उन्हें क्या-क्या काम कराने हैं, ताकि गांव पूरी तरह विकसित, गरीबी-मुक्त, रोजगार-युक्त और आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम केवल विरोध करना और आपस में लड़ना रह गया है, जिससे उनके कार्यकर्ता भी परेशान हैं।

