केंद्रीय मंत्री शिवराज ने बजट को विकसित भारत के निर्माण की दिशा में प्रतिबद्धता बताया

Shivraj

भोपाल/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को पेश किए गए 2026-27 के केंद्रीय बजट का स्वागत किया। उन्होंने इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में प्रतिबद्धता बताया।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि यह बजट गांवों और किसानों की स्थिति और भविष्य दोनों को बदल देगा।

आईएएनएस से बात करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय कृषि को मजबूत बनाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1,62,671 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

उन्होंने आईएएनएस को बताया कि यह बजट गांवों, गरीबों, कृषि और किसानों का भविष्य बदल देगा। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि को विकसित करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बजट में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1,62,671 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण विकास के लिए 2,73,108 करोड़ रुपए अलग रखे गए हैं ताकि गांव विकास के इंजन बन सकें।

मध्य प्रदेश के चार बार के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश ने लगभग सात प्रतिशत की मजबूत विकास दर हासिल की है और गरीबी कम करने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि मनरेगा का कुल बजट पहले 86,000 करोड़ रुपए था, लेकिन अब ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ के लिए अकेले केंद्र सरकार का हिस्सा 95,600 करोड़ रुपए से अधिक है, जो राज्यों के योगदान को जोड़ने पर और भी अधिक होकर 1,51,000 करोड़ रुपए से अधिक हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान पर विशेष जोर दिया गया है और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के माध्यम से कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 9,967 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर नजर डालें तो इसमें 21 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ग्रामीण विकास के लिए कुल बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है और अकेले विकसित भारत ग्राम योजना के लिए 55,600 करोड़ रुपए से अधिक का आवंटन किया गया है।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष के बजट में गांवों, गरीबों, किसानों, युवा किसानों और विशेष रूप से हमारी ‘लखपति दीदियों’ (करोड़पति बन चुकी महिलाओं) के कल्याण के लिए पर्याप्त प्रावधान शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ये प्रावधान विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

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