नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की है कि वह डिमोना में मिसाइल घटना की खबरों पर करीबी नजर रख रही है। इज़रायल के संवेदनशील परमाणु अनुसंधान ढांचे में किसी भी तरह का नुकसान नहीं पाया गया है।
एजेंसी ने सोशल साइट एक्स पर दिए बयान में कहा कि उसे शहर में मिसाइल के प्रभाव से जुड़ी रिपोर्टों की जानकारी है लेकिन उसे “नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को किसी नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला है।” यह केंद्र व्यापक रूप से इज़रायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा माना जाता है।
आईएईए ने बताया कि क्षेत्रीय देशों से मिली जानकारी के अनुसार घटना के बाद किसी भी असामान्य विकिरण स्तर का पता नहीं चला है। महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने “अधिकतम सैन्य संयम” बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। खासकर परमाणु सुविधाओं के आसपास ताकि ऐसी किसी भी स्थिति से बचा जा सके जो परमाणु सुरक्षा संकट का कारण बन सकती है।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान में परमाणु ढांचे पर नए हमलों की खबरें सामने आई हैं।
आईएईए ने शनिवार को पहले कहा था कि उसे ईरानी अधिकारियों द्वारा नतांज परमाणु सुविधा पर हमले की जानकारी दी गई है। एजेंसी ने पुष्टि की है कि वह स्थिति की जांच कर रही है और उसे बाहरी क्षेत्रों में विकिरण स्तर बढ़ने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
ग्रोसी ने एक बार फिर संयम बरतने की अपील दोहराई और चेतावनी दी कि परमाणु स्थलों के पास जारी सैन्य कार्रवाइयों से गंभीर और संभावित रूप से अपरिवर्तनीय परिणाम हो सकते हैं।
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के अनुसार दिन में पहले नतांज यूरेनियम संवर्धन सुविधा पर हुए हमले के लिए अमेरिका और इज़राइल जिम्मेदार थे। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ है और आसपास रहने वाले लोग खतरे में नहीं हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए कथित अमेरिका-इज़राइल संयुक्त अभियान के बाद से ईरान की परमाणु सुविधाओं को बार-बार निशाना बनाया गया है।
सप्ताह की शुरुआत में फारस की खाड़ी तट पर बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास भी हमलों की खबरें आई थीं। ईरानी अधिकारियों ने इसे परमाणु से जुड़े स्थलों पर तीसरी ऐसी घटना बताया, इससे पहले नतांज और इस्फहान पर हमले हो चुके हैं।
तेहरान ने आईएईए से इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि परमाणु ढांचे के पास लगातार हमले “बहुत गंभीर और चिंताजनक स्थिति” पैदा कर सकते हैं, जिसके वैश्विक प्रभाव हो सकते हैं।

