मध्य प्रदेश में एलपीजी की कालाबाजारी में 9 मामले दर्ज: खाद्य मंत्री

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भोपाल। मध्य प्रदेश की सरकार का दावा है कि पेट्रोलियम पदार्थ से लेकर घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। कालाबाजारी करने वालो के खिलाफ राज्य में कार्रवाई जारी है।

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि अब तक नौ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री राजपूत ने बताया है कि मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। भारत की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है। जिससे सप्लाई में कोई रुकावट नहीं है। प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 2046 स्थानों पर जांच की गई औऱ 2888 एलपीजी सिलेंडर जब्त किये गए तथा नौ प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई।

उन्होंने बताया है कि एलपीजी के बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक है। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक काम कर रहे हैं। प्रदेश में आज की स्थिति में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी ऑयल कंपनियों के पास रोजाना नया स्टॉक पहुंच रहा है। इससे आने वाले दिनों की मांग को आसानी से पूरा किया जा सकता है। पिछले कुछ दिनों में अफवाह के कारण लोगों ने पेट्रोलियम पदार्थ का भंडारण करने की कोशिश की जिससे कुछ जिलों में बिक्री 2 से 2.5 गुना बढ़ गई है।

इसी वजह से कुछ पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें और अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति बनी थी। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल के स्टॉक की कमी की कोई स्थिति नहीं है। कंपनी के डिपो से भी डीजल-पेट्रोल की लगातार पूर्ति की जा रही है।

खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल, डीजल क्रय करें। किसी प्रकार का संग्रह न करें। ऑयल कंपनी की ओर से यह दोहराया गया है कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में है। मध्यप्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

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