नई दिल्ली। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क तेजी के साथ हरे निशान में खुले। इस दौरान सेंसेक्स अपने पिछले बंद (84,273.92) से 65.23 अंक उछलकर 84,339.15 पर खुला, तो वहीं निफ्टी अपने पिछले बंद (25,935.15) से 62.3 अंक की बढ़त के साथ 25,997.45 पर खुला। यह इस सप्ताह का लगातार तीसरा सत्र है जब बाजार ने कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की।
खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 9.25 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 102 अंक या 0.1 प्रतिशत बढ़कर 84,374 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी 44 अंकों की बढ़त के साथ 25,979 पर ट्रेड कर रहा था।
इस दौरान, व्यापक सूचकांकों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
सेक्टर वार देखें तो, निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा 1.34 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। वहीं निफ्टी एफएमसीजी में 0.18 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी आईटी में 0.45 प्रतिशत तो निफ्टी बैंक में 0.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स पैक में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एसबीआई और सन फार्मा के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। तो वहीं एचसीएल टेक, ट्रेंट, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईटीसी और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने बताया कि निफ्टी अपने प्रमुख शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है और 25,800-25,900 के सपोर्ट जोन के ऊपर मजबूती से टिके रहने में सफल रहा है। ऊपर की ओर 26,000 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस है। अगर निफ्टी 26,000 के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो शॉर्ट कवरिंग बढ़ सकती है और बाजार में मौजूदा रिकवरी और आगे बढ़ सकती है। नीचे की ओर 25,800 पहला अहम सपोर्ट है, उसके बाद 25,700 का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल बाजार की संरचना सकारात्मक है, लेकिन रेजिस्टेंस के पास कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन हो सकता है।
एक्सपर्ट ने कहा कि बाजार में सकारात्मक लेकिन सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है, जिसमें तेजी का रुख बना रह सकता है। निवेशकों का फोकस ऑटो, मेटल, बैंकिंग और अच्छे नतीजे देने वाले शेयरों पर रह सकता है। हालांकि, निफ्टी के 26,000 के अहम स्तर के करीब होने के कारण सतर्कता और बेहतर जोखिम प्रबंधन जरूरी रहेगा।

