मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (बैंक) पर वित्तीय विवरणों में प्रकटीकरण संबंधी निर्देशों के कुछ प्रावधानों का अनुपालन न करने के लिए 31.80 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
यह जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 47ए(1)(सी) और धारा 46(4)(आई) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्राप्त शक्तियों के तहत लगाया गया है।
बैंक की वित्तीय स्थिति का 31 मार्च, 2025 तक का आकलन करते हुए आरबीआई द्वारा वैधानिक निरीक्षण और पर्यवेक्षी मूल्यांकन (आईएसई 2025) किया गया।
केंद्रीय बैंक ने कहा,“आरबीआई ने एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (बैंक) पर वित्तीय विवरणों में प्रकटीकरण संबंधी निर्देशों के कुछ प्रावधानों का पालन न करने के लिए 31.80 लाख रुपओ का जुर्माना लगाया है।”
आरबीआई के निर्देशों का पालन न करने संबंधी पर्यवेक्षी निष्कर्षों और इस संबंध में संबंधित पत्राचार के आधार पर, बैंक को नोटिस जारी कर यह बताने को कहा गया है कि उक्त आरबीआई निर्देशों का पालन न करने के लिए उस पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।
आरबीआई ने कहा, “बैंक द्वारा नोटिस के जवाब, अतिरिक्त प्रस्तुतियां और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से दी गई दलीलों पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने पाया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के वार्षिक वित्तीय विवरणों में कुछ शिकायतों का खुलासा न करने के संबंध में बैंक के खिलाफ लगाया गया आरोप सही पाया गया, जिसके चलते मौद्रिक दंड लगाना उचित है।”
यह कार्रवाई नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर कोई निर्णय देना नहीं है।
केंद्रीय बैंक ने आगे कहा, “इसके अलावा, मौद्रिक दंड लगाना आरबीआई द्वारा बैंक के खिलाफ शुरू की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।”

