भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। वहीं, अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना के लिए किसानों की सहमति से भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि क्षेत्रीय विकास में सड़कों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना से प्रदेश के चंबल क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। इस मार्ग से मुरैना, श्योपुर और भिंड जिले, राजस्थान से निकल रहे दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे और उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ हाईवे से जुड़ेंगे।
इससे क्षेत्र की कोटा, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, आगरा और दिल्ली से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तथा यात्रा का समय कम होगा। परिणामस्वरूप क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार-व्यवसाय, पर्यटन और आवागमन को प्रोत्साहन मिलेगा।
अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इसको लेकर मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों से कहा कि किसानों और क्षेत्रीय निवासियों की सहमति और संतुष्टि के अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कर परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पेंच राष्ट्रीय उद्यान- कान्हा टाइगर रिजर्व- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पन्ना राष्ट्रीय उद्यान को जोड़ने वाले मार्ग को टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि 625 किमी लंबे इस मार्ग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुसार वाइल्डलाइफ टूरिज्म को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। बैठक में अटल एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित दो प्लान का तुलनात्मक प्रस्तुतिकरण भी किया गया।
बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह उपस्थित थे।

