भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसान संगठन और स्वयंसेवी संगठनों से वर्चुअल चर्चा की। इसका मकसद प्रदेश में 9 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीदी थी। इस दौरान सीएम ने गेहूं खरीदी की चुस्त दुरुस्त व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया और कहा कि साथ ही पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए मुख्यमंत्री आवास पर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को किसान एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से वर्चुअली जुड़कर नौ अप्रैल से प्रारंभ हो रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसान बंधुओं को उनकी फसल का सही दाम दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
सीएम ने इस मौके पर बताया कि उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। इस दौरान गेहूं उपार्जन में स्वयंसेवी संगठनों से सहयोग के लिए अपील की। सभी कलेक्टर्स और एसडीएम को केंद्रों पर किसानों के लिए बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं। केंद्रों पर पम्पलेट और होर्डिंग द्वारा उपार्जन व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है।
दरअसल, राज्य में गुरुवार से गेहूं खरीदी शुरू हो रही है। सरकार ने ऐलान किया है कि पहले छोटे और सीमांत किसानों की उपज खरीदी जाएगी। उसके बाद ही बड़े किसानों की उपज खरीदी प्रक्रिया शुरू होगी। इस बार 2585 रुपए गेहूं का समर्थन मूल्य तय किया गया है।
राज्य सरकार ने 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का ऐलान किया है। इस तरह राज्य में 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी होगी। राज्य में गेहूं खरीदी की तारीखों में कई बार बदलाव किया गया है, जिसको लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर थी। इसकी वजह भी रही क्योंकि कुछ इलाकों में बारिश और ओले गिरने से किसानों की फसलों को नुकसान भी हुआ है।

