यूएई के तेल टैंकर पर ड्रोन हमला: विदेश मंत्रालय बोला, ‘ये समुद्री डकैती समान’

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नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर पर किए गए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। यह घटना ऐसे समय हुई जब अमेरिका इस जलमार्ग से जहाजों को सुरक्षित निकालने के अभियान की तैयारी कर रहा था।

यूएई की सरकारी तेल कंपनी एडीएनओसी के अनुसार, ओमान तट के पास एमवी बाराकाह नामक टैंकर पर दो ड्रोन से हमला किया गया। हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है और जहाज उस समय खाली था।

यूएई के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के रूप में करना “समुद्री डकैती” के समान है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा की गई। उन्होंने इसे अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करार दिया और कहा कि ये क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से सही नहीं है।

यूएई के अनुसार, इस घटना ने पहले से ही संवेदनशील क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, और यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा पर पड़ सकता है।

वहीं, अमेरिका के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि अमेरिका के झंडे वाले दो व्यापारी जहाज होर्मुज से सुरक्षित तरीके से निकल गए हैं। सेंटकॉम के मुताबिक, ये जहाज अपने आगामी सफर पर सुरक्षित तरीके से बढ़ रहे हैं।

यह जानकारी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका ने “प्रोजेक्ट फ्रीडम” नाम का मिशन शुरू किया है। इस मिशन के तहत, अमेरिकी नौसेना ने गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर (युद्धपोत) तैनात किए हैं, ताकि जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।

सेंटकॉम के मुताबिक अमेरिकी सेना व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सामान्य करने में मदद कर रही है।

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