मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए सामूहिक श्रमदान होगा : मोहन यादव

mohan

उज्जैन। मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास जारी है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि क्षिप्रा-गंगा दशहरे के अवसर पर पूरे प्रदेश में एक साथ सामूहिक रूप से श्रमदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री यादव ने शुक्रवार को उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने रोड चौड़ीकरण और रामघाट पर हुए कामों को देखा।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर हमारी सरकार पूरी योजना के साथ काम कर रही है। ये काम इस तरह किए जा रहे हैं कि भविष्य में शहर के साथ-साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिले। हम अपने सारे कामों पर बारीकी के साथ नजर रखे हुए हैं।

विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संवाददाताओं से कहा कि 30 जून तक क्षिप्रा-गंगा दशहरे के अवसर पर पूरे प्रदेश में एक साथ सामूहिक रूप से श्रमदान का संकल्प किया है। नदी, नहर, कूंए, बावड़ी, तालाब, लगभग सभी स्थानों पर जनभागीदारी से जल संरक्षण किया जाएगा। जल संरक्षण के काम को लेकर मध्यप्रदेश देश में नंबर वन है। इस मामले में मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जल ही जीवन है। जल संरक्षण के संकल्प के लिए ही सालों पहले से यहां रामघाट से क्षिप्रा परिक्रमा, गंगा दशहरा मनाने की परंपरा प्रारंभ की गई थी। इस साल निकलने वाली गंगा दशमी की परिक्रमा भी गौरव के साथ मनाई जाएगी। हम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि जन सुविधाओं को बढ़ा रहे हैं। हमारी सरकार सारी चीजों की मॉनिटरिंग भी कर रही है।

उन्होंने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि इन सारे निर्माण कार्यों का दूरगामी परिणाम हो। इन कामों से शहर और दर्शनार्थियों को लंबे समय तक लाभ मिले। उज्जैन ऐतिहासिक नगरी होने के साथ-साथ पौराणिक नगरी भी है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि यहां के जनप्रतिनिधि-जनता-प्रशासन सब मिलकर पूरी श्रद्धा के साथ काम कर रहे हैं। सरकार का मुखिया और यहां का विधायक होने के नाते मैं इसके लिए सबका अभिनंदन भी तरता हूं और गर्व भी करता हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *