मध्य प्रदेश भाजपा ने आम बजट को सराहा, कांग्रेस ने आम लोगों के लिए नाकाफी बताया

Bjp

भोपाल। संसद में रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 2026-2027 के केंद्रीय बजट पर मध्य प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है।

जहां विपक्ष पार्टी कांग्रेस ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए इसे ‘कॉरपोरेट बजट’ बताया, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे विकसित भारत की दिशा में एक कदम कहा।

राज्य भाजपा प्रमुख हेमंत खंडेलवाल ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय बजट सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देता है और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज योजना के तहत प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए करके इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नई गति देता है।

खंडेलवाल ने आगे कहा, “एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।”

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि अगले पांच सालों में 10,000 करोड़ रुपए के खर्च के साथ ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना का प्रस्ताव, जिसका मकसद भारत को एक ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है, सराहनीय है।

उन्होंने आगे कहा, “ये पहल देश में बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाएंगी। देश के हर जिले में हॉस्टल स्थापित करने की घोषणा लड़कियों की सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बहुत ही सराहनीय कदम है।”

भाजपा सोमवार (2 फरवरी) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के केंद्रीय बजट को उजागर करने के लिए 15-दिवसीय राज्यव्यापी अभियान भी शुरू करने वाली है।

कई भाजपा नेताओं और मंत्रियों को राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों हिस्सों में लोगों तक पहुंचने और उन्हें केंद्रीय बजट से होने वाले फायदों के बारे में बताने का काम सौंपा गया है।

वहीं, भाजपा शासित मध्य प्रदेश सरकार में कांग्रेस ने रविवार को वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा पेश किए गए साल 2026-2027 के केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र ने मजदूरों, किसानों और बेरोजगार युवाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है।

विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मध्यम वर्ग को आयकर में राहत की उम्मीद थी, लेकिन केंद्र सरकार ने एक बार फिर उन्हें निराश किया है।

उन्होंने एक बयान में कहा, “बड़े कॉरपोरेट घरानों के करोड़ों रुपए के लोन माफ किए जा सकते हैं, लेकिन आम टैक्सपेयर्स की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। मैंने पूरा बजट देखा। यह आम लोगों के लिए नहीं है, बल्कि यह कॉरपोरेट घरानों के हितों की रक्षा के लिए बनाया गया एक दस्तावेज है।”

सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि बजट में आदिवासियों और दूसरे समुदायों के लिए कोई खास राहत नहीं दी गई है, जिन्हें पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है।

उन्होंने आरोप लगाया, “साफ है कि इस बजट से आम लोगों को सिर्फ निराशा ही मिली है। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि देश के आम आदमी के प्रति उसकी नीति और इरादे दोनों ही उदासीन हैं।”

राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को रीवा जिले के दौरे के दौरान केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “भाजपा सरकार, जो इतने सारे वादे करके सत्ता में आई थी, उसने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसान कल्याण और ग्रामीण और शहरी विकास को लेकर 12 साल पहले दिखाए गए सपनों को तोड़ दिया है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *