वन्यजीवों के मामले में सनातन संस्कृति पर चल रही मध्य प्रदेश सरकार : मोहन यादव

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भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की संकल्प शक्ति से मध्यप्रदेश को आज चीता स्टेट बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। चीता प्रोजेक्ट विश्व में वन्यजीवों की पुनर्स्थापना का चमत्कारिक उदाहरण है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों को दोबारा बसाना चुनौती पूर्ण था। प्रदेश के वन विभाग ने नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए चीतों का नया घर तैयार किया है। राज्य सरकार ने प्रदेश की धरती पर 100 साल बाद 8 जंगली भैंसों की वापसी कराई है। इससे हमारे कान्हा नेशनल पार्क की जैव विविधता समृद्ध हुई है। सनातन संस्कृति के अनुसार हमारे वनों में सभी वन्यजीवों की उपस्थिति होनी चाहिए। इस दिशा में राज्य सरकार प्रयास कर रही है। राज्य में दुर्लभ प्रजाति के 33 कछुए, घड़ियाल और गिद्ध का संरक्षण किया गया है। भोपाल से छोड़े गए गिद्ध ने उज्बेकिस्तान तक का सफर तय कर लिया है।

यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट (IIFM) में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस(IBCA) प्री-समिट इवेंट के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए 20 बाइक और एक रेस्क्यू ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में इंटरनेशनल बिग कैट्स अलायंस की उपलब्धियों पर आधारित, मध्यप्रदेश जैवविविधता विरासत स्थलों और मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा संरक्षित तपोवन भूमि स्थलों पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में डाक विभाग के माय स्टैंप, चीता संरक्षण पर केंद्रित ब्रोशर, भारत की बायो डायवर्सिटी रिपोर्ट 2026 का विमोचन किया गया। इस दौरान एबीएस एंड टू एंड पोर्टल का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में आईआईएफएफ की डेटा ड्रिवन लैब का सिंगल क्लिक से लोकार्पण किया गया।

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