झारखंड : सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट, कोबरा बटालियन के दो जवान घायल

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नई दिल्ली। पश्चिमी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र सारंडा जंगल में शनिवार को आईईडी विस्फोट की घटना में सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन के दो जवान घायल हो गए। यह घटना छोटा नागरा थाना क्षेत्र के चडरी डेरा गांव के पास उस समय हुई, जब जिला पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम भाकपा माओवादी नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान चला रही थी। जंगल में पहले से बिछाए गए आईईडी की चपेट में आने से दोनों जवान जख्मी हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घायल जवानों को तुरंत जंगल से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया और बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सल विरोधी अभियान के दौरान यह विस्फोट हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षाबलों ने सतर्कता बढ़ा दी है और सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हाल के दिनों में अभियान के दौरान उन्हें कई सफलताएं मिली हैं, जिससे बौखलाए नक्सलियों ने जगह-जगह आईईडी लगा रखे हैं।

जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल के भीतर अनावश्यक रूप से न जाएं और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षाबलों ने स्पष्ट किया है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

वहीं बीजापुर में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए माओवादियों की साजिश को नाकाम कर दिया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 214वीं वाहिनी के कैंप कांडलापरती-2 द्वारा थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम नीलमड़गु की ओर सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान चलाया गया। इस दौरान बी/214 वाहिनी और बीडीडी टीम ने डिमाइनिंग कार्रवाई करते हुए माओवादियों द्वारा प्लांट किए गए 16 बीयर बॉटल आईईडी और एक 5 किलोग्राम का प्रेशर कुकर आईईडी बरामद किया।

बीडीडी टीम ने सभी बरामद आईईडी को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। इसके अलावा आगे की सर्चिंग में सुरक्षा बलों को जमीन के अंदर प्लास्टिक ड्रम में छिपाकर रखा गया माओवादियों का डंप भी मिला। बरामद सामग्री में रस्सी, फ्लेक्सिबल वायर, मल्टीमीटर, आयरन सोल्डरिंग रॉड, वायर कटर, एम-सील, पेंसिल बैटरी, डीसी मोटर, माओवादी वर्दी, मैगजीन पाउच, दवाइयाँ और माओवादी साहित्य व पर्चा शामिल हैं।

सुरक्षाबलों की इस प्रभावी कार्रवाई से माओवादियों की बड़ी साजिश विफल हो गई है। अधिकारियों के अनुसार जिले में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सर्चिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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