फ्रांस-यूके होर्मुज को लेकर बना रहे रणनीति, एक अहम बैठक जल्द

meeting

नई दिल्ली। इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम इस सप्ताह के अंत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के लिए एक अहम बैठक की सह-मेजबानी करेंगे।

मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में बिना किसी बाधा के जहाजों की आवाजाही जल्द से जल्द बहाल की जानी चाहिए। उन्होंने साथ ही लेबनान में शांति, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की बहाली पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का समाधान केवल कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही संभव है। मैक्रों ने स्पष्ट किया कि एक स्थायी और मजबूत समाधान के लिए क्षेत्र से जुड़े सभी मूल मुद्दों को सुलझाना जरूरी है—जिसमें ईरान का परमाणु और बैलिस्टिक कार्यक्रम, क्षेत्र में उसकी गतिविधियां और होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही शामिल हैं।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनका देश इस दिशा में अपनी पूरी भूमिका निभाने को तैयार है। उन्होंने बताया कि फ्रांस और यूके मिलकर उन देशों के साथ एक सम्मेलन आयोजित करेंगे, जो एक शांतिपूर्ण बहुराष्ट्रीय मिशन में योगदान देने को इच्छुक हैं। यह मिशन पूरी तरह रक्षात्मक होगा और संघर्ष में शामिल पक्षों से अलग रहेगा।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जो पर्शियन गल्फ को गल्फ ऑफ ओमान और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।

वहीं कीर स्टार्मर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद नुकसानदायक है। उन्होंने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की बहाली से महंगाई और जीवन-यापन के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

स्टार्मर ने बताया कि यूके ने 40 से अधिक देशों को एकजुट किया है, जो इस क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस और यूके इस सप्ताह एक संयुक्त शिखर सम्मेलन आयोजित करेंगे, जिसमें अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए एक समन्वित बहुराष्ट्रीय योजना पर चर्चा होगी।

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा की है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने से इनकार कर दिया है, जबकि पाकिस्तान की मध्यस्थता में लंबी बातचीत हुई थी।

ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में कथित रूप से बारूदी सुरंगें बिछाने के कारण वैश्विक शिपिंग प्रभावित हुई है और इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका किसी भी जहाज को, जो ईरान को “अवैध शुल्क” देता है, सुरक्षित मार्ग नहीं देगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना समुद्री मार्ग में बिछाई गई सुरंगों को नष्ट करेगी और यदि किसी भी प्रकार का हमला हुआ तो कड़ा जवाब दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *