नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच बहरीन की सुरक्षा एजेंसियों ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि वे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को संवेदनशील और गोपनीय जानकारी भेज रहे थे।
बहरीन पुलिस ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। इन पांचों का नाम भी जाहिर किया गया है। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग देश के महत्वपूर्ण और रणनीतिक स्थानों से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर रहे थे और उसे ईरान में मौजूद तत्वों तक पहुंचाते थे। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से संवेदनशील सूचनाएं जुटाकर उन्हें ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड तक पहुंचाने में लगा हुआ था।
अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में एक छठा संदिग्ध भी सामने आया है, जो फिलहाल देश से बाहर बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां उससे जुड़े संपर्कों और नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं। पकड़े हुए आरोपियों के नाम अब्बास अब्दुल्ला हबीब (39), यूसुफ अहमद मंसूर सरहान (25), मोहम्मद फधेल हमीद (39), सहलान अब्दुलरेधा अली (27), मोहम्मद हादी हसन (37), और अहमद यूसुफ हैं, जबकि भगोड़े शख्स का नाम जसीम सरहान (37) है।
जांच एजेंसियों ने आरोपियों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने किस-किस तरह की जानकारी साझा की और इसके पीछे कौन-कौन शामिल था।
विशेषज्ञों के अनुसार, आईआरजीसी ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य-सुरक्षा संस्थाओं में से एक है, जो सीधे देश के सर्वोच्च नेता को रिपोर्ट करती है और क्षेत्रीय रणनीतिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाती है।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। बहरीन लंबे समय से ईरान पर अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और जासूसी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में इस जासूसी नेटवर्क का खुलासा क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे पहले 10 मार्च को बहरीन पुलिस ने छह एशियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया था, जिनमें पांच पाकिस्तानी शामिल थे।

