मध्य प्रदेश में जल संरक्षण बन रहा जन आंदोलन: सीएम मोहन यादव

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भोपाल। मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जल संरचनाओं को पुनर्जीवित किया जाने का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में जल संरक्षण जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया जा रहा है। पानी बचाना बेहद जरूरी है। यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ियां प्रकृति के इस अनमोल वरदान से कभी भी कमी महसूस नहीं करें। इसके लिए हमें अपने वर्तमान जल स्रोतों के साथ सूख चुके जल स्रोतों को संरक्षित करना ही होगा।

उन्होंने कहा कि पानी बचाने के लिए प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। सरकार और समाज के साझा प्रयासों से हो रहे इस अभियान में बीते एक माह में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रदेश में संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ ने अल्प 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हुआ। यह अभियान जल संरक्षण, जल संरचनाओं के संवर्धन और जनभागीदारी का एक व्यापक जन-आंदोलन बनता जा रहा है। इस अभियान के प्रभाव से ही मध्य प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंकिंग सुधारकर अब तीसरे स्थान पर आ गया है। अभियान से पहले मध्य प्रदेश नेशनल रैंकिंग में छठवें स्थान पर था।

राज्य सरकार द्वारा आगामी 30 जून तक चलाए जा रहे इस अभियान में 16 विभागों की 58 गतिविधियां नियत की गई हैं। इसके लिए लगभग 6 हजार 278 करोड़ रुपए का वित्तीय लक्ष्य तय किया गया है। इस अभियान में कुल 2 लाख 44 हजार से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों को चिन्हित कर लगभग 6 हजार 236 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मनरेगा की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। अभियान के अंतर्गत 39 हजार 977 खेत तालाबों का निर्माण, 59 हजार 577 कूप-रीचार्ज संरचनाओं तथा 21 हजार 950 से अधिक पहले से निर्मित जल संरचनाओं को पुनर्जीवित भी किया गया है।

इसके साथ ही अमृत सरोवरों के निर्माण और उनके उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। नगरीय क्षेत्रों में भी जल संरक्षण को लेकर व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा तालाब, कुएं और पुरानी बावड़ियों के संवर्धन, नालों की सफाई और सौंदर्यीकरण तथा रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त तेज गर्मी को देखते हुए नगरीय निकायों द्वारा विभिन्न स्थानों पर प्याऊ की स्थापना भी की गई है।

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