इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के महालक्ष्मी नगर क्षेत्र में लगातार ओवरलोड की समस्या से जूझ रहे 132 केवी जीआईएस (GIS) सब-स्टेशन की क्षमता में मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने बड़ा इजाफा किया है। आगामी दशहरा और दीपावली पर्वों के दौरान बिजली की रिकॉर्ड मांग को ध्यान में रखते हुए सब-स्टेशन परिसर में 50 एमवीए (MVA) क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे शुक्रवार को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत (चालू) कर दिया गया।
इस नए ट्रांसफार्मर के चालू होते ही महालक्ष्मी नगर सब-स्टेशन की कुल क्षमता अब दोगुनी होकर 100 एमवीए पहुंच गई है। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस क्षमता वृद्धि के बाद इंदौर शहर की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़कर 1366 एमवीए हो गई है, जिससे त्योहारों और आगामी ग्रीष्मकाल में शहर में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस जीआईएस सब-स्टेशन से निकलने वाले 33 केवी के विभिन्न फीडरों के माध्यम से महालक्ष्मी नगर, शालीमार टाउनशिप, बेस्ट प्राइस, स्कीम नंबर 134, इन्फोटेल और डी.बी. अपोलो जैसे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों के लगभग 90,000 उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से निर्बाध बिजली मिलेगी।
बारिश और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी के इंजीनियरों और कर्मचारियों ने महज तीन महीने के अल्प समय में इसके इंस्टालेशन से लेकर चार्जिंग तक का काम पूरा किया।
इंदौर में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। 25 मई को इंदौर शहर का अधिकतम विद्युत लोड रिकॉर्ड 894 मेगावॉट (MW) दर्ज किया गया था। इस क्षमता वृद्धि से ओवरलोडिंग के कारण होने वाली बार-बार की ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।
इंदौर शहर के मजबूत पावर ग्रिड को संचालित करने के लिए एमपी ट्रांसको 12 अति-उच्च दाब सब-स्टेशनों (5 सब-स्टेशन 220 केवी के और 7 सब-स्टेशन 132 केवी के) का नेटवर्क प्रबंधित करता है।

