भोपाल। ईंधन की कमी की व्यापक अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगने का दौर जारी है। इस बीच भोपाल जिला प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों को आश्वस्त करने के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। एसओपी में कहा गया है कि शहर में ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है।
भोपाल जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने गुरुवार शाम को एक आदेश जारी कर कहा कि भ्रामक और निराधार जानकारी फैलाई जा रही है। ये अफवाहें जनता में अनावश्यक भय पैदा कर रही हैं, पेट्रोल पंपों पर भीड़भाड़ का खतरा पैदा कर रही हैं और कानून व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं।
आदेश में कहा गया कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, जन शांति बनाए रखने और भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले या पूरे मध्य प्रदेश में पेट्रोल, डीजल या द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है।
प्रशासन ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर अचानक उमड़ी भीड़ पूरी तरह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग एप्लिकेशन पर प्रसारित गलत सूचनाओं के कारण थी।
संबंधित विभागों को सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर कड़ी नजर रखने और गलत सूचना फैलाने वालों की पहचान करने के बाद तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
दहशत फैलाने के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश में कहा गया है कि व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन भ्रामक जानकारी के लिए जिम्मेदार होंगे और उन पर भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 553 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
प्रशासन ने निर्धारित परिस्थितियों को छोड़कर, डिब्बे या बोतल जैसे कंटेनरों में ईंधन भरने के खिलाफ चेतावनी भी जारी की है, ताकि जमाखोरी को रोका जा सके।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जनता से शांत रहने और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की।

