नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने बदलती औद्योगिक जरूरतों और रोजगार के नए अवसरों को देखते हुए कौशल विकास के क्षेत्र में बड़ा दांव खेला है। रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), सीएनसी मशीनिंग और कंप्यूटर आधारित तकनीकी प्रशिक्षण को केंद्र में रखकर युवाओं को रोजगारपरक बनाने की रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है।
इसी कड़ी में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने सोमवार को विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष संख्या-58 में प्रशिक्षण एवं सेवायोजन स्थायी समिति की बैठक में विभागीय योजनाओं और भावी रणनीति की समीक्षा की।
मंत्री अग्रवाल ने बैठक में कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि उद्योगों की जरूरत के अनुरूप दक्ष और प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी आईटीआई में करीब 1.29 लाख और निजी आईटीआई में 2.77 लाख युवाओं ने प्रवेश लिया है। सरकार अब पारंपरिक प्रशिक्षण मॉडल से आगे बढ़ते हुए ‘न्यू एज स्किल्स’ पर विशेष फोकस कर रही है।
उन्होंने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के 150 आईटीआई संस्थानों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इन संस्थानों को अत्याधुनिक मशीनों और तकनीकी संसाधनों से लैस किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण सीधे उद्योगों की मांग से जुड़ सके। इसके अलावा स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड (एसएसडीएफ) के तहत 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया है, जिसका उपयोग रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के माध्यम से इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के साथ तकनीकी दक्षता से भी जोड़ा जा रहा है। वहीं प्रदेश में पांच ‘सेंटर ऑफ इनोवेशन, इंटीग्रेशन एंड इनोवेशन (सी-III)’ स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें भविष्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों के जरिए प्रशिक्षित युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ने की प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है। साथ ही जिला स्तर पर स्किल मैपिंग और सर्वेक्षण के माध्यम से स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। सरकार पारंपरिक और अनौपचारिक रूप से कुशल कारीगरों को भी प्रशिक्षण देकर उन्हें उद्यमिता की ओर बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देना है।

