मध्य प्रदेश: महुआ बीनने के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो की मौत, एक अन्य गंभीर घायल

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला और उसकी आठ वर्षीय भतीजी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

पुलिस के अनुसार, पपौंध थाना क्षेत्र के ओदारी गांव निवासी 50 वर्षीय इट्टो बाई गोंड अपनी आठ वर्षीय भतीजी सफीना सिंह और एक अन्य महिला के साथ घर से करीब एक किलोमीटर दूर महुआ बीनने गई थीं। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई।

बताया गया कि पेड़ के पास अचानक आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से इट्टो बाई और सफीना सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीसरी महिला को बिजली का तेज झटका लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी। पपौंध थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के 38 जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, बुरहानपुर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है।

विदिशा, राजगढ़, गुना और रायसेन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं सीहोर और आगर-मालवा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी मध्य प्रदेश नहीं पहुंचा है और फिलहाल तेलंगाना के आसपास रुका हुआ है। यदि अगले दो-तीन दिनों में इसकी गति बढ़ती है तो मानसून 25 जून के आसपास राज्य में प्रवेश कर सकता है, जो सामान्य तिथि से करीब 8 से 10 दिन की देरी होगी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और जलाशयों के पास जाने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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