भूमि खरीद विवाद पर घिरे मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव, कांग्रेस बोली-निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री दें इस्तीफा

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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित अन्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन घोटाले से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। जीतू पटवारी ने कहा कि यह मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ा कलंक है और मेरा मानना ​​है कि हाल ही में हुआ स्टिंग ऑपरेशन अद्भुत और अकल्पनीय था। मंत्रियों के लेन-देन की पूरी जानकारी दी गई। मंत्रियों के कार्यालयों के लेन-देन का विवरण भी दिया गया। आज जिस तरह की रिपोर्ट सामने आई हैं, उससे मुख्यमंत्री पूरी तरह सवालों के घेरे में हैं।

जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम ने धर्मनगरी उज्जैन को जमीन के गोरखधंधे का हिस्सा बना दिया है।

उन्होंने कहा कि सीएम बताएं कि क्या ये सही है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद आपके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों ने 137 प्लॉट खरीदकर 168 एकड़ जमीन अर्जित की। लगभग 111 एकड़ जमीनें ऐसी जगहों पर खरीदी गई, जो परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्र हैं। क्या ये महज संयोग है? क्या सरकार उन सारी परियोजनाओं के भूमि उपयोग परिवर्तन की सूची सार्वजनिक करेगी, जहां आपके परिवार ने जमीनें खरीदी? क्या आप ये घोषणा करेंगे कि इस भूमि सौदे के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज द्वारा न्यायिक जांच हो? कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास 245 प्लॉट (335 एकड़ जमीन) है।

राज्य में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि ये आरोप नहीं हैं, ये आपके सामने सबूत हैं। मीडिया की रिसर्च रिपोर्ट जैसी है, हमने विधानसभा में भी कई बार यह मामला उठाया है। विधानसभा के अंदर सरकार कहती है कि वे जांच करवा रहे हैं, तो जांच क्यों नहीं हो रही है।

कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा कि जब मोहन यादव शिक्षा मंत्री बने थे, तब उनके पास 10 एकड़ जमीन थी। आज खबरों के अनुसार, उनके पास 250 एकड़ जमीन है। एक और बात जो अब चर्चा में है, वह यह है कि उनके एमएलए प्रतिनिधि ने हाल ही में बहुत कम समय में 65 एकड़ जमीन खरीदी। जो विवरण सामने आए हैं, वे काफी चौंकाने वाले हैं और दिखाते हैं कि किसी व्यक्ति की संपत्ति कितनी तेजी से बढ़ सकती है। मैं कहना चाहता हूं कि अगर हम पिछले 20-25 वर्षों में मध्य प्रदेश में राजनेताओं द्वारा खरीदी गई जमीन को देखें, तो हमारे सर्वे और चल रही रिसर्च से जो नतीजे सामने आए हैं। वे सचमुच हैरान करने वाले हैं और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करते हैं।

कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि जिन भी राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री हैं वहां पर भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है। कई आरोप लगते हैं, लेकिन उन्हें दबा दिया जाता है। अब यह नया मामला सामने आया है। अगर सबूत मिले हैं, तो कार्रवाई भी होनी चाहिए। संबंधित व्यक्ति को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। कम से कम नैतिक आधार पर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप देना चाहिए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। मुख्यमंत्री रहते हुए ऐसी जांच निष्पक्ष रूप से नहीं हो सकती। अगर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, तो उन्हें खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए, चाहे इस्तीफा मंजूर हो या न हो, यह एक राजनीतिक मामला है, लेकिन उन्हें कम से कम इस्तीफा सौंप देना चाहिए ताकि जांच में उनकी कोई दखलंदाजी न हो और जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके।

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