पंजाब में हो रही कश्मीर जाने वाले वाहनों से अवैध वसूली, उमर अब्दुल्ला ने भगवंत मान सरकार से की हस्तक्षेप की मांग

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर पंजाब से गुजरने वाले पशु-ढुलाई वाहनों पर गैर-कानूनी लेवी (शुल्क) के बारे में बात की।

कश्मीर में मटन व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनकी शिकायत है कि पंजाब से होकर जम्मू-कश्मीर जाने वाले वाहनों से कुछ ठेकेदार गिरोह गैर-कानूनी रूप से भारी टैक्स वसूल रहे हैं। अब्दुल्ला ने अपने पत्र में पंजाब सरकार से इस गैर-कानूनी काम को रोकने के लिए दखल देने की मांग की।

उन्होंने लिखा, वह ‘ऑल कश्मीर होलसेल मटन डीलर्स यूनियन’ द्वारा उनके ध्यान में लाए गए एक चिंताजनक मामले की ओर मैं मान सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। यह मामला पंजाब से गुजरते समय जम्मू-कश्मीर के पशु व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को हो रही दिक्कतों से जुड़ा है।

यूनियन ने बताया है कि जम्मू-कश्मीर जाने वाले जानवरों से लदे वाहनों को कथित तौर पर मवेशी मेलों से जुड़े कुछ ठेकेदार समूहों द्वारा रोका जाता है और सभी वैध परमिट और जरूरी कागजात होने के बावजूद उनसे गैरकानूनी फीस वसूली जाती है।

अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसी रुकावटों के कारण ट्रांसपोर्टरों को बेवजह देरी, आर्थिक नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ता है, साथ ही पशु कल्याण पर भी बुरा असर पड़ता है।

जम्मू-कश्मीर सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने भी एक आंतरिक समिति के माध्यम से इस मामले की जांच की है। पता चला है कि ट्रांसपोर्टरों को बिना किसी कानूनी मंजूरी के रास्ते में प्रति वाहन भारी भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

अब्दुल्ला ने कहा कि समिति ने यह भी पाया है कि जानवरों की आवाजाही जीएसटी से मुक्त है और ऐसे शुल्क लगातार लगाने से पशु व्यापार पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जिसका असर जम्मू-कश्मीर में मांस की कीमतों और उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच दोस्ती, सहयोग और आर्थिक निर्भरता के पुराने संबंध हैं। अगर ऐसी हरकतें हो रही हैं तो यह आपसी सहयोग की उस भावना के खिलाफ है जो पारंपरिक रूप से उनके संबंधों की विशेषता रही है और इससे स्वाभाविक रूप से व्यापारी समुदाय में चिंता पैदा हुई है।

अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि मवेशी मेलों से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। संबंधित लोगों ने आशंका जताई है कि अगर उचित सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो आने वाले अनुबंध की अवधि के दौरान भी ऐसी हरकतें जारी रह सकती हैं, जिससे पशु व्यापारियों को बार-बार परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने मान सरकार से मामले की जांच कराने और पंजाब से होकर जानवरों के परिवहन वाहनों की सुचारू, सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दखल देने का अनुरोध किया। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वैध कागजात रखने वाले और सभी कानूनी जरूरतों का पालन करने वाले ट्रांसपोर्टरों से कोई गैर-कानूनी दखलंदाजी या शुल्क वसूली न हो। अब्दुल्ला ने कहा कि इस मामले में मान के समर्थन और सहयोग के लिए वे आभारी रहेंगे।

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