एनएचआरसी ने उज्जैन में सीवर चैंबर के कर्मचारी की मौत का लिया स्वतः संज्ञान

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में एक सीवर चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत और दो अन्य के घायल होने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है।

मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मामलों की ओर इशारा करते हुए देश की शीर्ष मानवाधिकार संस्था ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और उज्जैन के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

एनएचआरसी ने कहा है कि रिपोर्ट में जांच की स्थिति के साथ-साथ मृतक कर्मचारी और घायल कर्मचारियों के परिजनों को दिए गए मुआवजे का विवरण भी शामिल होना चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इलाज के दौरान एक कर्मचारी की मौत हो गई जबकि दो अन्य का इलाज चल रहा है।

यह घटना 7 जुलाई को उज्जैन में भैरवगढ़ रोड पर पिपली नाका के पास एक सीवरेज प्रोजेक्ट के दौरान हुई, जहां सीवर चैंबर में उतरे दो कर्मचारियों का दम घुटने लगा।

उन्हें बचाने के लिए तीसरा कर्मचारी भी चैंबर में उतरा लेकिन वह भी बेहोश हो गया। चैंबर के अंदर फंसे कर्मचारियों को देखकर स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान चलाया और तीनों मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस को शक है कि कर्मचारियों ने सीवर चैंबर के अंदर जमा जहरीली गैसों में सांस ली थी, हालांकि मौत का सही कारण जांच के जरिए पता लगाया जा रहा है।

इस बीच, अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या मजदूरों को जरूरी सुरक्षा उपकरण दिए गए थे और क्या सीवरेज के काम के दौरान मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।

जांच के हिस्से के तौर पर ठेकेदार, साइट सुपरवाइजर और साइट पर मौजूद अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाने की उम्मीद है।

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