नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए झेलम नदी के किनारे व्यापक अभियान चलाया। जेटी-झुहामा-चकलू क्षेत्र में संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य नदी की तलहटी से अवैध रूप से रेत निकालने वालों पर सख्त कार्रवाई करना और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
यह अभियान बारामूला के पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में चलाया गया। इस दौरान बारामूला पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी (एसएचओ), डेलिना के डिवीजनल अधिकारी (डीओ) और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। अभियान के दौरान नदी के विभिन्न हिस्सों में निरीक्षण कर अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों की पहचान की गई।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अवैध खनन गतिविधियों में प्रयुक्त ’10 नावें, 4 पानी के पंप, 2 ड्रेजर और 1 बोट पुशर’ जब्त किए। सभी उपकरणों को कब्जे में लेकर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए उपकरणों का उपयोग नदी की तलहटी से बड़े पैमाने पर रेत निकालने के लिए किया जा रहा था, जिससे पर्यावरण और नदी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी।
बारामूला पुलिस ने कहा कि अवैध रेत खनन न केवल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह, तटों की स्थिरता और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। यही कारण है कि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह के सघन अभियान जारी रहेंगे। कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बारामूला पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध रेत खनन की गतिविधि दिखाई दे तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें।

