मध्य प्रदेश के बड़वानी में 27 क्विंटल से अधिक गांजा के पौधे जब्त

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बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सुदूर वन और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित पांच खेतों से 27 क्विंटल से अधिक वजन के 26,000 से अधिक गांजा के पौधे जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत 1.15 करोड़ रुपए से अधिक है।

यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन ग्रीन स्ट्राइक’ के तहत की गई, जिसमें बरवानी, खरगोन और खंडवा जिलों के 400 से अधिक पुलिसकर्मियों की 12 टीमों ने वर्ला पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 19 गांवों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

पुलिस ने दुर्गम इलाकों में संदिग्ध गांजा की खेती की पहचान करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया और फिर पैदल तलाशी अभियान चलाकर उन स्थानों तक पहुंची। पांचों खेत डोकालियापानी, धवलियागिर, बागदारी, तकियापानी और अदनादी गांवों के सुदूर क्षेत्रों में पाए गए, जहां टीमों ने 26,000 से अधिक गांजा के पौधे जब्त किए।

बड़वानी के पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ला ने बताया कि यह अभियान दुर्गम और दूरदराज के इलाकों में अवैध गांजा की खेती का पता लगाने के लिए चलाया गया था। शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ड्रोन निगरानी की मदद से हमने दूरदराज के पहाड़ी और वन क्षेत्रों में संदिग्ध खेती स्थलों की पहचान की, जिसके बाद पुलिस टीमें उन स्थानों पर पहुंचीं और तलाशी अभियान चलाया। पता चला कि ये खेत वन भूमि पर स्थित थे, जिसके बाद पुलिस ने वन विभाग से भूमि के पट्टेदारों या कब्जेदारो के बारे में जानकारी मांगी है। शुक्ला ने कहा कि जांच का मुख्य उद्देश्य गांजा की खेती में शामिल व्यक्तियों की पहचान करना और भूमि से उनके संबंध का पता लगाना होगा। उन्होंने कहा कि हम इन वन भूमि के टुकड़ों पर कब्जा करने वाले या उनका उपयोग करने वाले व्यक्तियों का विवरण भी जुटा रहे हैं। एक बार उनकी भूमिका स्थापित हो जाने पर, कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान में तीन जिलों के पुलिसकर्मी शामिल थे और दुर्गम भूभाग तथा संदिग्ध खेती स्थलों के फैलाव के कारण इसे एक साथ कई स्थानों पर चलाया गया। मध्य प्रदेश पुलिस नशीले पदार्थों की अवैध खेती, परिवहन और तस्करी के खिलाफ गहन अभियान चला रही है।

पुलिस ने बताया कि वन और दुर्गम क्षेत्रों में अवैध खेती की पहचान करने के लिए ड्रोन और अन्य आधुनिक निगरानी उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

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