नई दिल्ली। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोमवार को बताया कि असम पुलिस ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की एक फर्जी और मॉर्फ की गई (बदलाव की गई) तस्वीर फैलाने में शामिल कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीएमओ ने चेतावनी दी कि मनगढ़ंत कंटेंट बनाने, शेयर करने या उसे आगे बढ़ाने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ के अनुसार, पुलिस ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की बदली हुई तस्वीर फैलाने में शामिल लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीएमओ ने कहा कि मनगढ़ंत कंटेंट फैलाने और जनता को गुमराह करने की ऐसी जानबूझकर की गई कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसमें यह भी कहा गया कि ऐसे फर्जी कैंपेन बनाने, शेयर करने या उन्हें आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
यह घटनाक्रम हिमंत बिस्वा सरमा की कथित तौर पर मॉर्फ की गई तस्वीर को लेकर हुए विवाद के बीच सामने आया है, जिसे सोशल मीडिया पर फैलाया गया था।
इस बीच, असम पुलिस ने तस्वीर फैलाने के मामले में एक कांग्रेस नेता को हिरासत में लिया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोलपारा जिला कांग्रेस सोशल मीडिया सेल की उपाध्यक्ष के तौर पर पहचानी गईं क्वीन हजारिका को मॉर्फ की गई तस्वीर शेयर करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक महिला के साथ दिखाई दे रहे थे।
पुलिस का आरोप है कि इस तस्वीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके बदला गया था और फिर ऑनलाइन फैलाया गया।
खबरों के मुताबिक, कांग्रेस नेता को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर नकली तस्वीर शेयर करने के आरोप में हिरासत में लिया गया।
इस कार्रवाई से असम में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि मशहूर हस्तियों को निशाना बनाने के लिए बदली हुई या एआई से बनी सामग्री का इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई का मकसद जानबूझकर नकली सामग्री फैलाने और जनता को गुमराह करने की कोशिशों को रोकना था।

