नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर आए उच्च न्यायालय के ताजा फैसले पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्य की आधी से अधिक आबादी के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील विषय है और कांग्रेस इस लड़ाई को अब सर्वोच्च न्यायालय तक लेकर जाएगी।
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की लचर पैरवी और अदालत में पर्याप्त सामाजिक-शैक्षणिक आंकड़े व तथ्य सही ढंग से पेश न कर पाने के कारण ही ओबीसी वर्ग को यह बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ दिखावे के लिए बयानबाजी करने वाले सत्ताधारी दल के नेताओं को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पटवारी का आरोप है कि आरक्षण के मामले को सिर्फ कानूनी पेचीदगियों में उलझाए रखा गया और इस पर भारी-भरकम राशि खर्च करने के बावजूद ठोस परिणाम नहीं मिले।
सरकार हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ बिना किसी देरी के सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल करे।
इस संवेदनशील मामले में कमजोर पैरवी के बजाय देश के शीर्ष और अनुभवी अधिवक्ताओं की एक मजबूत टीम कोर्ट में पक्ष रखे।
सरकार तुरंत विशेष सत्र आहूत करे और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी स्पष्ट कार्ययोजना जनता के सामने रखे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने याद दिलाया कि साल 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में ओबीसी वर्ग को उनका हक दिलाने के लिए ही आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 फीसदी करने का ऐतिहासिक कानून बनाया गया था। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के साथ हो रहे इस अन्याय को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और सुप्रीम कोर्ट में पूरी ताकत के साथ कानूनी लड़ाई लड़ेगी।

