भोपाल। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले कोसमी गांव में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई ने बड़ा राजनीतिक भूचाल ला दिया है। प्रशासनिक अमले द्वारा गरीब परिवारों के घर तोड़ने, फसलें बर्बाद करने और पानी के एकमात्र स्रोत कुएं को मिट्टी से पाटे जाने की घटना से नाराज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल मौके का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका दर्द जाना और प्रशासनिक मनमानी पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मौके पर बर्बाद हुई फसलों और ढहे हुए मकानों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि गरीबों की सिसकियां, आंखों के आंसू और उनके उजड़ते भविष्य की पूरी रिपोर्ट वे राज्य के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव को सौंपेंगे।
उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को सीधे तौर पर सरकार और मुख्यमंत्री को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश करार दिया है।
उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि जिन गरीबों के घर तोड़े गए हैं, वे वही लोग हैं जो हमेशा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को वोट देते आए हैं और जिनके समर्थन से विधानसभा से लेकर लोकसभा तक पार्टी जीत दर्ज करती है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने पहले ही प्रशासन से अनुरोध किया था कि ये लोग बरसों से इस जमीन पर काबिज हैं, इसलिए इन्हें बेवजह परेशान न किया जाए, लेकिन इसके बावजूद यह कार्रवाई की गई।

