नई दिल्ली। अमेरिकी चुनावों में राजनीतिक चंदे के आंकड़ों को नया मोड़ देते हुए अरबपति उद्योगपति एलन मस्क रिपब्लिकन पार्टी के सबसे बड़े वित्तपोषक के रूप में उभरे हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 3 नवंबर को होने जा रहे मध्यावधि चुनावों के लिए मस्क ने जुलाई से अब तक रिपब्लिकन समूहों को 27.6 करोड़ डॉलर की भारी-भरकम राशि दान की है। इसके साथ ही, मौजूदा 2025-26 के संपूर्ण चुनावी चक्र में पार्टी को दिया गया उनका कुल योगदान बढ़कर 36.6 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। यह राशि वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के अभियान को दिए गए उनके 29 करोड़ डॉलर के चंदे से भी कहीं अधिक है।
मस्क के इस भारी-भरकम फंड का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर सीनेट पर रिपब्लिकन नियंत्रण मजबूत करने में लगाया जा रहा है। उन्होंने सीनेट नेतृत्व को समर्थन देने वाले ‘सीनेट लीडरशिप फंड’ को अकेले 15.8 करोड़ डॉलर दिए हैं, जो कि अमेरिकी इतिहास में किसी भी व्यक्तिगत राजनीतिक योगदान की सबसे बड़ी राशि मानी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि यह अकेली राशि डेमोक्रेटिक पार्टी को पूरी गर्मियों के दौरान अपने सभी दानदाताओं से एकत्रित कुल चंदे से भी ज्यादा है। इसके अलावा, करीब तीन दर्जन से अधिक सीनेट सीटों पर प्रचार कर रहे उनके अपने संगठन ‘अमेरिका पीएसी’ को 7.6 करोड़ डॉलर दिए गए हैं।
अन्य प्रमुख रिपब्लिकन संस्थाओं और अभियानों में भी मस्क ने दिल खोलकर फंडिंग की है। उन्होंने प्रतिनिधि सभा के उम्मीदवारों का समर्थन करने वाले ‘कांग्रेसनल लीडरशिप फंड’ को 2 करोड़ डॉलर, टेक्सास के सीनेट उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में सक्रिय ‘लोन स्टार लिबर्टी पीएसी’ को 1 करोड़ डॉलर, ‘रिपब्लिकन गवर्नर्स एसोसिएशन’ को 1 करोड़ डॉलर और ‘रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरल्स एसोसिएशन’ को 20 लाख डॉलर का चंदा दिया है। ‘अमेरिका पीएसी’ के प्रवक्ता एंड्रयू रोमियो का मानना है कि इस स्तर के वित्तीय सहयोग ने रिपब्लिकन पार्टी को अपना एजेंडा आम मतदाताओं तक पहुंचाने और चुनावों में बढ़त बनाने का मजबूत आधार प्रदान किया है।
अंतरिक्ष एजेंसी स्पेसएक्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रमुख एलन मस्क का अमेरिकी राजनीति और व्हाइट हाउस में प्रभाव किसी से छिपा नहीं है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप और मस्क के रिश्तों में उतार-चढ़ाव आते रहे हैं। जनवरी 2025 में ट्रंप ने मस्क को सरकारी खर्चों में कटौती के उद्देश्य से ‘सरकारी दक्षता विभाग’ की कमान सौंपी थी, लेकिन कुछ ही समय बाद दोनों के बीच मतभेदों के चलते दूरियां बढ़ गई थीं। अब एक बार फिर मस्क पूरी तरह से ट्रंप खेमे में सक्रिय हो चुके हैं। हाल ही में ट्रंप ने भी दूरियां मिटाते हुए मस्क को ‘नेशनल मेडल ऑफ साइंस’ से सम्मानित किया और उन्हें ‘आधुनिक युग का एडिसन’ कहकर संबोधित किया था।

