नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित सेसनॉक क्षेत्र में भारतीय समुदाय को निशाना बनाकर लगाए गए घृणास्पद और नस्लवादी पोस्टरों (स्टिटकर्स) का मामला गरमा गया है। न्यू साउथ वेल्स के हंटर निर्वाचन क्षेत्र से प्रतिनिधि सभा के संघीय सांसद डैन रेपाचोली ने इन पोस्टरों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की घृणास्पद सामग्री स्थानीय निवासियों के विचारों और सामुदायिक व्यवहार को कतई नहीं दर्शाती और ऐसे कृत्यों का कड़ा विरोध किया जाएगा।
सांसद डैन रेपाचोली ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए इन पोस्टरों को “घृणास्पद” और “कायरतापूर्ण” करार दिया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी इस प्रकार की सामग्री दिखे, तो तुरंत इसकी जानकारी और स्थान साझा करें ताकि इन्हें जल्द से जल्द हटाकर रिपोर्ट किया जा सके।
सेसनॉक और आसपास के सुपरमार्केट में भारतीय खाद्य उत्पादों व सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए इन स्टिकरों में भारतीय प्रवासियों को लक्षित करते हुए अपमानजनक टिप्पणियां की गई थीं। पोस्टरों में (प्रवासियों की वापसी) का आह्वान करते हुए प्रवासियों और बहुसंस्कृतिवाद के खिलाफ घृणा फैलाने की कोशिश की गई थी।
डैन रेपाचोली ने कहा, “सेसनॉक और हंटर क्षेत्र में नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसी नफरत फैलाने वाले कायर लोग हमारे समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते। हम एकजुट हैं और इस तरह की विभाजनकारी ताकतों का डटकर मुकाबला करेंगे।”
ऑस्ट्रेलिया में लगातार बढ़ते प्रवासी-विरोधी अभियानों के बीच स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया है कि किसी भी समुदाय के खिलाफ घृणित अपराध फैलाने वालों पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

