नई दिल्ली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, राज्यों और प्रमुख महानगरों में जोरदार प्रदर्शन आयोजित किए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े इस छात्र संगठन ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्तातंत्र और सरकारों में बदलाव केवल जनता के मतपत्रों (वोट) के जरिए संभव है, किसी भी प्रकार के भीड़तंत्र या अराजकता से नहीं।
एबीवीपी द्वारा देश के अलग-अलग हिस्सों में ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ के नारे के तहत यह विरोध प्रदर्शन किए गए। इनमें दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण राज्य व केंद्र शासित प्रदेश विशेष रूप से शामिल रहे।
एबीवीपी के पदाधिकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने और राजनीतिक स्वार्थ के लिए भीड़ के जरिए दबाव बनाने की संस्कृति देश के हित में नहीं है। छात्र संगठन ने युवा शक्ति से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आएं और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करें।

