सतना में बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में ब्लड बैंक प्रभारी सहित तीन सस्पेंड

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भोपाल। मध्य प्रदेश के सतना जिले में चार बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के मामले में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले के लिए ब्लड बैंक प्रभारी सहित तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने मामले में कारवाई के निर्देश दिए थे। दरअसल सतना जिले में थैलीसीमिया पीड़ित चार बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने से एचआईवी पीड़ित होने का मामला सामने आया था, जिस पर राज्य सरकार ने सीईओ आयुष्मान भारत डॉ. योगेश भरसट की अध्यक्षता में सात सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।

इस समिति की प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। आधिकारिक तौर पर शुक्रवार को दी गई जानकारी में बताया गया है कि जांच समिति के प्राथमिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर जिला चिकित्सालय सतना के ब्लड बैंक प्रभारी एवं दो लैब टेक्नीशियनों को निलंबित किया गया है। निलंबित अधिकारियों में डॉ. देवेन्द्र पटेल (पैथोलॉजिस्ट एवं ब्लड बैंक प्रभारी), राम भाई त्रिपाठी और नंदलाल पांडे (लैब टेक्नीशियन) शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, जिला चिकित्सालय सतना के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें जारी सूचना पत्र के संदर्भ में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्पष्टीकरण समाधानकारक न होने की स्थिति में उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

दरअसल राज्य के सतना जिले में बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने पर स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठे थे और कांग्रेस ने इस मामले में प्रदेश सरकार को घेरा था। मामला सामने आने पर सरकार की ओर से भी कदम उठाए गए और राज्य स्तरीय समिति का गठन डॉ. योगेश भरसट (आईएएस), संचालक, राज्य रक्ताधान परिषद की अध्यक्षता में 16 दिसंबर को किया गया था। समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।

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