बशीर बद्र के नाम पर मध्य प्रदेश सरकार शुरू करेगी साहित्य सम्मान

Bashir

भोपाल। मशहूर उर्दू शायर और पद्मश्री सम्मानित बशीर बद्र के निधन के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने उनकी साहित्यिक विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने बशीर बद्र के नाम पर एक साहित्य सम्मान स्थापित करने की घोषणा की है।

यह घोषणा मंगलवार को मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने भोपाल की ईदगाह कॉलोनी स्थित बशीर बद्र के निवास पर पहुंचकर की। इस दौरान उन्होंने शायर के परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। मंत्री ने बशीर बद्र की पत्नी राहत बद्र और बेटे तैयब बद्र से भी बातचीत की और उनके साहित्यिक योगदान को याद किया।

धर्मेंद्र सिंह लोधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रसिद्ध शायर और पद्मश्री सम्मानित बशीर बद्र के निधन के बाद उन्होंने उनके घर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की, उनसे जुड़ी स्मृतियों को देखा और परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने बशीर बद्र के नाम पर एक साहित्य सम्मान शुरू करने का निर्णय लिया है।

सरकार द्वारा प्रस्तावित यह सम्मान उर्दू कविता और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रचनाकारों को दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बशीर बद्र की साहित्यिक धरोहर को जीवित रखना और उर्दू साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

परिवार से मुलाकात के दौरान मंत्री लोधी ने बशीर बद्र के जीवन, संघर्ष और साहित्यिक सफर पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बशीर बद्र की शायरी केवल शब्दों का संग्रह नहीं थी, बल्कि उसमें इंसानी भावनाओं, प्रेम, संवेदनाओं और रिश्तों की गहरी झलक दिखाई देती थी।

मंत्री ने उनकी कई लोकप्रिय गजलों और अशआर का जिक्र करते हुए कहा कि बशीर बद्र ने उर्दू शायरी को नई पहचान और नई ऊंचाइयां दीं। उनकी रचनाएं आज भी करोड़ों लोगों के दिलों को छूती हैं।

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