भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन कर विधानसभा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारिता विभाग से जुड़े उनके एक महत्वपूर्ण प्रश्न को लगातार चार सत्रों से बिना कोई स्पष्ट कारण बताए सदन की कार्यवाही से बाहर रखा जा रहा है। इसे उन्होंने अपने अधिकारों और अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता के हितों पर सीधा हमला बताया।
पंकज उपाध्याय ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि वह पिछले चार विधानसभा सत्रों से सहकारिता विभाग और क्षेत्र के शक्कर कारखानों से संबंधित प्रक्रियाओं पर प्रश्न पूछना चाहते हैं, लेकिन हर बार उनका प्रश्न निरस्त कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह एक ही प्रश्न है जिसे लगातार चार बार से रिजेक्ट किया जा रहा है। मैं सहकारिता विभाग से संबंधित हमारे क्षेत्र के शक्कर कारखानों की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी चाहता हूं, लेकिन बिना किसी कारण के मेरे प्रश्न को बार-बार निरस्त कर दिया जाता है।
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि वह पिछले लगभग एक वर्ष से विधानसभा के प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस बार भी उन्होंने प्रमुख सचिव से मुलाकात कर प्रश्न निरस्त किए जाने का कारण पूछा, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। जनता ने उन्हें लगभग 2.70 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करने के लिए विधानसभा भेजा है। यदि उन्हें सदन में अपने क्षेत्र के लोगों के मुद्दे उठाने का अवसर ही नहीं मिलेगा तो यह न केवल उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके क्षेत्र की जनता के साथ भी अन्याय है।
उपाध्याय ने कहा कि अगर मैं अपने क्षेत्र की जनता की समस्याएं सदन में पूरी ईमानदारी से नहीं रख पा रहा हूं, तो यह मेरे साथ और मेरे क्षेत्र की जनता के साथ कुठाराघात है। यह मेरे अधिकारों और जनता के हितों पर हमला है। जब विधानसभा के भीतर मुझे न्याय नहीं मिल रहा है, तब मैंने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की गुहार लगाने का निर्णय लिया है। जब तक मेरी मांग पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि अगर बारिश होगी, धूप होगी या कोई भी परिस्थिति होगी, तब भी मैं यहीं बैठा रहूंगा। जब तक सदन चलेगा, मैं धरने पर बैठा रहूँगा। यदि इस सत्र में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो अगले विधानसभा सत्र में भी इसी तरह धरना दूंगा। अगर मुझे अंदर न्याय नहीं मिलेगा, तो बाहर बैठकर न्याय मांगूंगा।
विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के सवाल पर कांग्रेस विधायक ने बताया कि वह कई बार विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिख चुके हैं और अपनी शिकायत से अवगत करा चुके हैं। हालांकि, उन्हें हर बार यही कहा गया कि वह इस संबंध में विधानसभा के प्रमुख सचिव से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रमुख सचिव को भी कई बार लिखित रूप से शिकायत दी है और धरना शुरू करने से पहले भी उन्हें इसकी जानकारी दी थी। प्रमुख सचिव को स्पष्ट रूप से बताया गया है कि लगातार चार बार उनके प्रश्न को निरस्त किया जाना उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय है और इसी के विरोध में वह विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ रहे हैं।
पंकज उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने प्रमुख सचिव को पहले ही सूचित कर दिया था कि वह दोपहर 12 बजे से विधानसभा के बाहर धरना शुरू करेंगे। इसके बावजूद अब तक उनकी शिकायत का कोई समाधान नहीं निकाला गया है।

