मध्य प्रदेश: 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा 139 करोड़ रुपए का बोनस

Tendupatta

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि मध्य प्रदेश भर में 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को कुल मिलाकर 139 करोड़ रुपए से अधिक का बोनस दिया जाएगा। शहर खोजें

उन्होंने प्रकृति प्रेमी आदिवासी समुदायों को राज्य की विरासत बताया और कहा कि वनों के संरक्षण और प्रबंधन में उनका योगदान अतुलनीय है।

सीएम यादव ने मंडला जिले में प्राथमिक वन उत्पाद सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए आयोजित प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम और तेंदूपत्ता बोनस वितरण समारोह में भाग लिया। उन्होंने आदिवासी परिवारों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के अधिकारों की रक्षा, उनके परिश्रम का सम्मान और हितों की सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

स्थानीय मांगों को ध्यान में रखते हुए सीएम यादव ने मोहगांव और घुघरी में सरकारी कॉलेजों के उद्घाटन, एमएसएमई विभाग के तहत मंडला में लघु वन उत्पाद प्रसंस्करण इकाइयों, घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक टाइगर सफारी चिड़ियाघर और जिले में पारंपरिक पान की खेती के पुनरुद्धार की भी घोषणा की।

ग्रामीण क्षेत्रों में आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग बीड़ी बनाने के लिए तेंदू के पत्तों का उपयोग करते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होती है।

यादव ने पूर्वी और पश्चिमी मंडला, उत्तरी और दक्षिणी सिवनी, उत्तरी और दक्षिणी बालाघाट, दिंडोरी और जबलपुर, आठ वन मंडलों के 9,04,126 तेंदू पत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के लिए 36.17 करोड़ रुपए (36,17,37,518 रुपए) का बोनस हस्तांतरित किया। उन्होंने मंडला में वन विभाग की सहायता करने वाली 84 वन समितियों के लगभग 40,000 सदस्यों को 26.56 लाख रुपए का लकड़ी लाभांश भी वितरित किया।

मुख्यमंत्री ने मंडला जिले को लगभग 460 करोड़ रुपए की 74 विकास परियोजनाओं का पुरस्कार दिया। इसमें 263 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की 47 परियोजनाओं का शिलान्यास और 197 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की 27 परियोजनाओं का उद्घाटन शामिल है। इन पहलों में 19 सरकारी हाई स्कूल भवन (75.28 करोड़ रुपए), एक नया एकीकृत कलेक्टर कार्यालय (33.92 करोड़ रुपए), एक नर्सिंग कॉलेज भवन (14.80 करोड़ रुपए), एक जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केंद्र (1 करोड़ रुपए), और निवास, बिछिया, घुटास और सागर में नवनिर्मित चार संदीपानी स्कूल भवन (137.11 करोड़ रुपए) शामिल थे।

उन्होंने यह भी कहा कि मंडला में आवश्यकतानुसार दुग्ध सहकारी समितियां स्थापित की जाएंगी ताकि राज्य का राष्ट्रीय दुग्ध उत्पादन में हिस्सा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कन्याओं की पूजा, रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

बाद में उन्होंने किसान कल्याण वर्ष प्रदर्शनी का दौरा किया और ‘मुख्यमंत्री स्कूटी योजना’ के तहत मेधावी छात्रों को स्कूटी वितरित कीं। उन्हें स्वयं हेलमेट पहनाए और उनकी शैक्षणिक प्रगति के लिए आशीर्वाद दिया।

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