नई दिल्ली। अमेरिका के इलिनॉय राज्य में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश का भंडाफोड़ होने के बाद अमेरिकी राजनीतिक गलियारों और नागरिक समाज में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। अमेरिकी सांसदों, प्रमुख नेताओं और विभिन्न नागरिक संगठनों ने इस घटिया प्रयास की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस घटना ने एक बार फिर अमेरिका में पैर पसार रहे भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी पूर्वाग्रहों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसको लेकर अब जनप्रतिनिधियों ने सख्त और ठोस कदम उठाने की मांग उठाई है।
हाल के महीनों में अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाए जाने या उन्हें क्षतिग्रस्त करने की घटनाएं सामने आई हैं। इलिनॉय में मंदिर पर हमले की साजिश उजागर होने के बाद स्थानीय भारतीय-अमेरिकी समुदाय में चिंता का माहौल है।
कई शीर्ष अमेरिकी सांसदों और मानवाधिकार समर्थकों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका में किसी भी समुदाय के खिलाफ घृणा और धार्मिक कट्टरता के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने संघीय जांच एजेंसियों (जैसे FBI) और स्थानीय पुलिस से मांग की है कि साजिशकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, पूजा स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने और हिंदू-विरोधी पूर्वाग्रहों से निपटने के लिए ठोस नीतियां व निगरानी तंत्र बनाने की बात कही गई है।

