नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बड़े विरोध-प्रदर्शनों और विशाल जनसभाओं के आयोजनों से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार सख्त मोड में आ गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय का दौरा कर पुलिस बल की तैयारियों और शहर की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की।
इस उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के पुलिस आयुक्त और गृह मंत्रालय व दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
गृह मंत्री ने राजधानी में होने वाले बड़े जमावड़ों, विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक रैलियों के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो और शांति व्यवस्था हर हाल में कायम रखी जाए।
अमित शाह ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि शांति भंग करने या कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने का प्रयास करने वाले असमाजिक तत्वों और उपद्रवियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
बैठक के दौरान आगामी दिनों में आयोजित होने वाली बड़ी रैलियों (जैसे रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के प्रस्तावित कार्यक्रमों) को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त चौकसी और सीसीटीवी surveillance तंत्र को मजबूत करने पर रणनीति तय की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी से दिल्ली सरकार के नागरिक विभागों और दिल्ली पुलिस के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई, ताकि आपात स्थिति या बड़े आयोजनों में ट्रैफिक, चिकित्सा व आपातकालीन सेवाओं का प्रबंधन त्वरित रूप से हो सके।इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य राजधानी में शांति, सौहार्द और सुरक्षा वातावरण को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त बनाए रखना है।

